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भाजपा से इस्तीफे के बाद तमिलनाडु में सियासी भूचाल
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी से के अन्नामलाई ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में भारी हलचल मच गई है। आज उनके 42वें जन्मदिन के अवसर पर यह कयास बेहद तेज हो गए हैं कि वह किसी नई पार्टी या एक स्वतंत्र आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अन्नामलाई भाजपा से अलग होकर तमिलनाडु में अपनी खुद की स्वतंत्र जमीन तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि, बीते 2 जून को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई उनकी मुलाकात के बाद शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें फिलहाल अपना इस्तीफा रोकने की सलाह दी थी, लेकिन इससे पहले वह भाजपा के राष्ट्रीय सचिव नितिन नवीन को अपना इस्तीफा सौंप चुके थे।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई का राजनीतिक भविष्य उस समय से असमंजस में दिखाई दे रहा था, जब भाजपा आलाकमान ने उन्हें पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। इसके साथ ही पार्टी ने साल 2026 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के साथ अपने पुराने गठबंधन को दोबारा जीवित कर लिया, जिसके बाद से अन्नामलाई हाशिए पर चल रहे थे।
साल 2020 में पुलिस की नौकरी छोड़ राजनीति में आने वाले अन्नामलाई का ग्राफ बेहद तेजी से बढ़ा था और वह महज 10 महीने के भीतर राज्य के सबसे युवा भाजपा अध्यक्ष बन गए थे। उनके आक्रामक नेतृत्व में पार्टी ने दो दशकों बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में चार सीटें जीतकर राज्य में वापसी की थी। इतना ही नहीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का वोट शेयर 3.66 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 11.24 प्रतिशत पहुंच गया था। इसके विपरीत, नागेंद्रन के नेतृत्व में लड़े गए 2026 के हालिया चुनावों में भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वह महज एक सीट पर सिमट गई।
भाजपा की धड़कने बढ़ी
अन्नामलाई के इस्तीफे की खबरों के बीच कोयंबटूर और मदुरै जैसे बड़े शहरों में लगे पोस्टरों ने भाजपा की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इन पोस्टरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य बड़े नेताओं की तस्वीरें पूरी तरह गायब हैं, जबकि अन्नामलाई को दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज रजनीकांत और अजित के साथ दिखाया गया है। इस असमंजस के कारण भाजपा के भीतर इस्तीफों का दौर भी शुरू हो गया है; मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एमसी मुनुसामी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं में भारी निराशा देखी जा रही है।

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