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अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि सरकारी अभिलेखों में एम. अप्पावु का नाम विधायक के रूप में दर्ज किया जाए

चेन्नई । तमिलनाडु की राजनीति से जुड़ा एक दशक पुराना चुनावी विवाद आखिरकार न्यायिक फैसले के साथ समाप्त हो गया। मद्रास हाई कोर्ट ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु को वर्ष 2016 के राधापुरम विधानसभा चुनाव का वैध विजेता घोषित कर दिया है। अदालत ने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) उम्मीदवार आई. एस. इनबादुरै की जीत को अवैध करार दिया।
न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा कि वर्ष 2016 से 2021 तक के विधानसभा कार्यकाल के लिए एम. अप्पावु ही राधापुरम के वास्तविक विधायक थे। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि सरकारी अभिलेखों में एम. अप्पावु का नाम विधायक के रूप में दर्ज किया जाए और उन्हें उस अवधि से जुड़े सभी वेतन, भत्ते एवं अन्य वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं। यह विवाद वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था, जब तिरुनेलवेली जिले की राधापुरम सीट पर आई. एस. इनबादुरै को मात्र 49 वोटों के अंतर से विजेता घोषित किया गया था। इसके बाद एम. अप्पावु ने पोस्टल बैलेट और मतगणना के अंतिम चरणों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अदालत का रुख किया। वर्ष 2019 में अदालत ने ईवीएम और पोस्टल बैलेट की पुनर्गणना का आदेश दिया था।

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