
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर भीड़ नियंत्रण संबंधी निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार किया है। याचिका में पुलिस को प्रदर्शन स्थल और आसपास के प्रवेश मार्गों पर विशेष सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।
यह मामला तब चर्चा में आया है जब व्यंग्यात्मक संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके भारत पहुंचने वाले हैं। बताया जा रहा है कि वह शनिवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए अमेरिका से रवाना हुए हैं। हालांकि, प्रदर्शन के लिए औपचारिक अनुमति लिए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से दायर याचिका का उल्लेख अवकाशकालीन पीठ के समक्ष किया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद प्रदर्शन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दिपके ने मई में ऑनलाइन अभियान की शुरुआत की थी, जिसने सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रियता हासिल की। यह अभियान न्यायपालिका से जुड़ी टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था और देखते ही देखते बड़ी संख्या में युवाओं का ध्यान आकर्षित करने लगा। संगठन ने हाल ही में अपने प्रवक्ताओं की भी नियुक्ति की है और राजधानी में एक प्रेसवार्ता आयोजित कर अपनी गतिविधियों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा।
दिपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों से अपील की है कि वे दिल्ली हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए एकत्रित न हों। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना है। उन्होंने संकेत दिया कि वह संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त करने का प्रयास करने वाले है। इस बीच, प्रशासन संभावित भीड़ को देखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस और अन्य एजेंसियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियों का आकलन कर रही हैं। फिलहाल सभी की निगाहें शनिवार को प्रस्तावित कार्यक्रम और उससे जुड़े घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
