
टेलीग्राम बंद करना…क्या इन कदमों से पेपर लीक रुकेंगे? बिल्कुल नहीं
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएमए अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने टेलीग्राम पर पाबंदी और परीक्षा के पेपर हवाई मार्ग से पहुंचाने के लिए भारतीय सेना के इस्तेमाल को सरकार के बेतुके कदम बताया। उन्होंने सवाल किया कि सेना के विमानों से पेपर पहुंचाना, टेलीग्राम बंद करना…क्या इन कदमों से पेपर लीक रुकेंगे? बिल्कुल नहीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक का धंधा कई अरब रुपयों का रैकेट है। इसका पैसा सबसे ऊपर तक पहुंचता है। अगर पेपर लीक रुक गए, तो सांसद और विधायकों को खरीदने के लिए पैसा कहां से आएगा? नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 22 जून 2026 तक टेलीग्राम के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। इसमें नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा और उसके ठीक बाद का समय भी शामिल था। इस रोक का मकसद उस तरीके को रोकना था जिसके तहत राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक के झूठे सबूत गढ़े जाते थे।
टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने इस अस्थायी रोक की आलोचना करते हुए कहा कि इससे लाखों आम यूज़र्स को बिना वजह सजा मिलती है, जबकि लीक को रोकने में भी यह नाकाम रही है, क्योंकि पेपर लीक अब दूसरे ऐप्स पर हो रहे हैं। उन्होंने एक्स पर कहा कि भारत के आईटी मंत्रालय ने एक हफ़्ते के लिए टेलीग्राम पर रोक लगा दी क्योंकि कुछ यूज़र्स ने परीक्षा के लीक हुए सवाल शेयर किए थे। :
एनटीए ने साफ किया कि प्लेटफ़ॉर्म-लेवल पर यह पाबंदी लगाई गई थी। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने टेलीग्राम को निर्देश दिया कि वह भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए मैसेज-एडिटिंग फ़ीचर को 30 जून 2026 तक बंद कर दे।
