
निगम द्वारा लगाई साढ़े तीन करोड़ की प्याऊ गायब
इन्दौर । उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने नगर निगम द्वारा शहर में लगाई गई प्याऊ की आरओ मशीनों के गायब होने के मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते स्मार्ट सिटी कंपनी से पूछा है कि साढ़े तीन करोड़ की लागत से शहरवासियों को शुद्ध पीने का ठंडा पानी सड़कों के किनारे उपलब्ध कराने के लिए लगाई गई आरओ मशीनें गायब हो गई और किसी को पता भी नहीं चला। यह जनहित याचिका समाजसेवी महेश गर्ग द्वारा दायर की गई है। जिस पर सुनवाई करते कोर्ट ने स्मार्ट सिटी कंपनी को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता स्वयं स्मार्ट सिटी कंपनी के कार्यालय जाकर नोटिस तामिली करा रसीद कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।
बता दें कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर ये मशीनें लगाई थीं और इसकी टेंडर शर्तों के अनुसार, मशीनों का रखरखाव और समय-समय पर जांच इन्हें लगाने वाली कंपनी और स्मार्ट सिटी कंपनी को करनी थी। कुछ समय तक तो मशीनें काम करती रहीं, लेकिन फिर बंद हुईं और धीरे-धीरे गायब हो गईं। इसको लेकर ही समाजसेवी महेश गर्ग ने यह जनहित याचिका दायर की।
एडवोकेट मनीष यादव के अनुसार याचिका में कोर्ट को बताया गया कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत पूरे शहर में आधुनिक प्याऊ लगाए गए थे। इनमें आरओ के साथ वाटर कूलर भी लगे थे। इस पर साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किए थे। इन्हें लगाने वाली कंपनी को अगले दस वर्ष तक मशीनों का रखरखाव भी करना था, लेकिन वर्तमान में मशीनें गायब है। जिस पर कोर्ट ने स्मार्ट सिटी कंपनी को यह नोटिस जारी किया है।
