
संजय राउत बोले- बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने हर संभव प्रयास करेंगे
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलों के बीच शनिवार को राज्यसभा सांसद और यूबीटी नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला। राउत ने एक तस्वीर शेयर की जिस पर हिंदी में लिखा था, “कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते।” इस पोस्ट को शेयर करते हुए राउत ने कैप्शन में लिखा, “जय महाराष्ट्र!” संजय राउत का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को 2022 की ऐतिहासिक बगावत के बाद पार्टी में दूसरे सबसे बड़े विभाजन के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) का यह संकट गुरुवार को उस समय और गहरा गया जब नई दिल्ली में संसद भवन परिसर में बुलाई संसदीय दल की अहम बैठक से पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 गायब थे। इस बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे पहुंचे। बैठक से नदारद रहने वाले बागी सांसदों में नागेश पाटिल-आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि ये लोग जो खुद को शिवसैनिक कहते थे, कायर हैं। शिवसैनिक इतने कायर नहीं होते। ये खुद को शिवसैनिक मानते हैं और अब छिपने के लिए कहां गए हैं? जयपुर।
संजय राउत ने कहा कि कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हम इन्हें अयोग्य ठहराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अगर लोकसभा के अध्यक्ष नियमों, कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक काम करते हैं तो ये लोग निश्चित रूप से अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस संभावित बड़े दलबदल को ऑपरेशन टाइगर का नाम दिया जा रहा है। इस चर्चा को तब और हवा मिली जब शिवसेना के एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि उद्धव गुट के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में अपना विश्वास जताया है और वे पहले ही इस गुट के साथ अपनी सहमति बना चुके हैं। इस विपरीत परिस्थितियों के बावजूद संजय राउत ने दावा किया कि पार्टी पूरी ताकत से वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने अपने गौरवशाली 60 साल पूरे कर लिए हैं और इस समय बालासाहेब ठाकरे का जन्मशताब्दी वर्ष भी चल रहा है। हम हमेशा बालासाहेब ठाकरे से प्रेरणा लेते हैं। जब तक इस बुराई का खात्मा नहीं हो जाता, हम लड़ाई जारी रखेंगे।
