सरकार ने कहा- परीक्षा व्यवस्था फूलप्रूफ, कोर्ट ने पूछा- राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर अब तक क्या हुआ

नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि प्रश्न-पत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में कड़ी गोपनीयता बरती जाती है। उन्होंने कहा कि नीट के लिए तैयार की गई व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल है।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि प्रश्न-पत्र ले जाने वाली गाड़ियों में जीपीएस लगाया जाता है और उनकी छोटी से छोटी गतिविधि भी रिकॉर्ड होती है। प्रश्न बैंक तैयार करने के लिए कई मॉडरेटर लगाए जाते हैं और उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनके तैयार किए गए सवालों में से कौन-से प्रश्न अंतिम प्रश्न-पत्र में शामिल होंगे। सरकार ने इन व्यवस्थाओं के आधार पर परीक्षा प्रणाली को फूलप्रूफ बताया। सरकार के पक्ष को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन सुरक्षा उपायों की राधाकृष्णन समिति पहले ही समीक्षा कर चुकी है। अदालत ने कहा कि समिति ने केवल परीक्षा संचालन की तकनीकी कमियों की नहीं, बल्कि संस्थागत समस्याओं की भी पहचान की थी। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसा समाधान चाहता है, जिसका असर लंबे समय तक रहे।
पीठ ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा व्यवस्था को देखा जाना चाहिए। अदालत के मुताबिक यूपीएससी की परीक्षाएं अपेक्षाकृत व्यवस्थित तरीके से आयोजित हो रही हैं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भी उसी तरह की विश्वसनीय व्यवस्था विकसित करनी होगी। कोर्ट ने बदलती तकनीक को समझने वाले विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति की जरूरत पर भी जोर दिया।
केंद्र से नया हलफनामा मांगा….
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने केंद्र से पूछा कि नीट व्यवस्था में संस्थागत सुधार के लिए राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन्हीं पर सुनवाई के दौरान परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों पर चर्चा हो रही है।
सीबीटी और दो चरणों में परीक्षा पर भी विचार…
पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने हलफनामे के जरिए बताया था कि भविष्य में नीट को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में आयोजित करने और जी की तर्ज पर इसे दो चरणों—मेन और एडवांस्ड—में कराने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में अन्य व्यापक सुधार किए जाने की बात भी कही थी।
