आय से 572 प्रतिशत अधिक व्यय का मामला; 60 लाख रुपये अर्थदंड, नहीं भरने पर एक साल अतिरिक्त सश्रम कारावास

उज्जैन । आय से अधिक संपत्ति के मामले में तत्कालीन परिवहन निरीक्षक सेवाराम खांडेकर को विशेष न्यायालय, उज्जैन ने चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 60 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। दोषसिद्धि के बाद खांडेकर को भैरवगढ़ जेल भेज दिया गया।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), उज्जैन ने सोमवार को लोकायुक्त द्वारा वर्ष 2011 में दर्ज प्रकरण में फैसला सुनाया। जांच में खांडेकर की कुल आय 27 लाख 37 हजार 628 रुपये और कुल व्यय 1 करोड़ 84 लाख 15 हजार 129 रुपये पाया गया। इस तरह उसका व्यय आय से करीब 572 प्रतिशत अधिक था।
:: घर पर छापे में मिली थी नकदी-ज्वेलरी ::
लोकायुक्त पुलिस ने 11 नवंबर 2011 को खांडेकर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 122/2011 दर्ज किया था। इसी दिन उप पुलिस अधीक्षक ओपी सागोरिया के नेतृत्व में टीम ने अलकनंदा नगर स्थित उसके आवास पर छापा मारा था। तलाशी में नकदी, ज्वेलरी और विलासिता की वस्तुओं सहित अन्य सामग्री मिलने की बात जांच में सामने आई थी।
प्रकरण की विवेचना उप पुलिस अधीक्षक एसएस उदावत ने की। आय-व्यय की जांच में अंतर सामने आने के बाद 30 अगस्त 2014 को विशेष न्यायालय, उज्जैन में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
:: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दोषसिद्ध ::
विचारण के बाद न्यायालय ने खांडेकर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने चार वर्ष के सश्रम कारावास और 60 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। लोकायुक्त संगठन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज पाठक तथा पैरवीकर्ता संजय मीणा, डीपीपी ने अभियोजन का संचालन किया। आरक्षक संजीव कुमारिया ने प्रकरण में सहयोग किया।
