
जबलपुर । पुराने विवाद को लेकर हुए झगड़े में एक व्यक्ति के सिर पर डंडे से जानलेवा वार करना और बाद में उसे रिपोर्ट दर्ज कराने से रोकना आखिरकार दो आरोपियों को भारी पड़ गया। पाटन के अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए पिता-पुत्र 28 वर्षीय सोनू चौधरी और 56 वर्षीय महेश चौधरी, निवासी ग्राम छपरट, शहपुरा को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर अलग-अलग धाराओं में कुल 8-8 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर सत्र न्यायाधीश स्वयं प्रकाश दुबे, पाटन ने सत्र प्रकरण क्रमांक 154/2025 में यह फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार दोनों आरोपियों ने 26 मई 2025 की रात करीब 8.45 बजे पुराने विवाद को लेकर देवी प्रसाद चौधरी के साथ मारपीट की थी। घटना के दौरान महेश चौधरी ने हाथ-घूंसों से हमला किया, जिससे इलाज के दौरान उसकी अस्पताल में मौत हो गई। जांच के दौरान सामने आया कि सिर में लगी चोट ही उसकी मौत का कारण बनी थी।
मामले की मर्ग जांच के दौरान मृतक के पिता मुकुंदीलाल सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। घटना को देखने-सुनने वाले प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के लोगों के कथन भी विवेचना में शामिल किए गए। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में चोट के कारण मृत्यु होना दर्ज किया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 332(क), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 10 साक्षियों के बयान कराए। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शैलेन्द्र परस्ते ने सशक्त पैरवी की।
