
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों के राजकुमार बुध आज चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर गए हैं और वे 1 अक्टूबर की सुबह तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहने वाले है। बुद्धि, तर्क और वाणी के कारक बुध का ऊर्जा, कला और त्वरित फैसलों के प्रतीक चित्रा नक्षत्र में जाना कई बार विचारों में उथल-पुथल, जल्दबाजी में गलत फैसले और वाणी में कटुता पैदा करता है। बुध और मंगल के बीच सम संबंध होने के बावजूद, शांत बुद्धि वाले बुध का आक्रामक मंगल के नक्षत्र में जाना कुछ राशियों के लिए जहां शुभ रहेगा, वहीं तीन राशियों के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, मेष, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को इस अवधि में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। मेष राशि वालों के लिए यह गोचर व्यापारिक साझेदारों या जीवनसाथी के साथ गलतफहमी पैदा कर सकता है। उन्हें जल्दबाजी में कोई भी नया अनुबंध करने से बचना चाहिए और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। वृश्चिक राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में फूंक-फूंककर कदम रखने होंगे; बिना सोचे-समझे किया गया बड़ा निवेश नुकसानदायक हो सकता है। उन्हें गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना चाहिए और अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। वहीं, मीन राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ बातचीत में संयम बनाए रखना होगा। पैसों के लेन-देन में लापरवाही और वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की जरुरत है, क्योंकि अचानक अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं जिससे बजट बिगड़ सकता है।बुध के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए, ज्योतिष विशेषज्ञ प्रतिदिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करने की सलाह देते हैं। इस अवधि में अनावश्यक बहसबाजी से बचें और कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें। बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या पालक का दान करना भी शुभ माना जाता है।
