पीएचई इंजीनियरों, ठेकेदार की मिलीभगत से जल जीवन मिशन में करोड़ो का भ्रष्टाचार…
निर्माण कार्य अधूरे और घटिया होने के बाद भी कर दिया करोड़ो का भुगतान ……..कही पहली बार पानी भरने पर ही ढह गई टंकी, कहीं 5 की जगह 1 मोटर मिली

भोपाल/मऊगंज । हर घर नल-जल पहुंचाने के लिए शुरू की गई योजना जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने पीएचई विभाग के तत्कालीन इंजीनियरों और ठेकेदार सहित पॉच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत नईगढ़ी के कई गांवों में अधूरे, गुणवत्ताविहीन और घटिया कार्यों के बावजूद ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख से अधिक रकम का पूरा भुगतान कर करोड़ो का गोलमाल किया गया। यहॉ खटखरी में पहली बार भरने पर ही पानी की टंकी के भरभराकर ढहने सहित कई और अनियमितताओं के आरोप भी जॉच में सही पाये जाने के बाद ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज किया है।
पांच साल बाद भी अधूरे पड़े हैं काम…..
विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसारा साल 2021 में मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड के अनेक गांवों में जल जीवन मिशन के तहत कराए गए कार्यों से जुड़ा है। योजना में पानी की टंकी, सबमर्सिबल मोटर पंप, पाइपलाइन, पंप हाउस, वाल्व चैम्बर, बिजली फिटिंग, घरेलू नल कनेक्शन और टंकी परिसर में बाउंड्रीवाल सहित कई निर्माण कार्य किए जाने थे। इन कार्यों को करीब 9 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन शिकायत और सत्यापन के दौरान कई काम वर्षों बाद भी अधूरे पाए गए।
खटखरी में पहली बार पानी भरते ही ढह गई टंकी…..
जांच में नईगढ़ी तहसील के ग्राम खटखरी में नवनिर्मित पानी की टंकी के निर्माण की गुणवत्ता भी बेहद घटिया पाई गई। आरोप के मुताबिक टंकी पहली बार पानी भरने के दौरान ही टूटकर गिर गई।
योजना के प्राक्कलन में 4,400 मीटर पाइपलाइन और 315 घरेलू नल कनेक्शन का प्रावधान था। जांच में बताया गया कि पाइपलाइन गांव के बाहर तक ही बिछाई गई और घरों के भीतर नल फिटिंग तथा कंक्रीट सर्कुलर स्टैंड पोस्ट का निर्माण नहीं किया गया।
करह में 5 की जगह सिर्फ 1 सबमर्सिबल मोटर
ग्राम करह उर्फ खैरागढ़ में पांच मोटर पंप के स्थान पर केवल एक सबमर्सिबल मोटर पंप मिला। वहीं 740 घरेलू कनेक्शन किए जाने के दावे के विपरीत सत्यापन के दौरान किसी भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिली।इसी तरह शिवराजपुर में ओवरहेड टैंक और सम्पवेल का निर्माण अधूरा पाया गया। गुढ़निया रघुनाथ में मुख्य पाइपलाइन तो डाली गई, लेकिन घरों के अंदर कनेक्शन नहीं किए गए और मुख्य पाइपलाइन भी पूरे गांव में नहीं बिछाई गई।
घटिया काम के बाद भी ठेकेदार को कर दिया करोड़ो का पैमेंट
सत्यापन के अनुसार कार्य के लिए न्यूनतम निविदा दर से 4.26 प्रतिशत बिलो रेट पर मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी को कार्यादेश जारी किया गया था। पीएचई विभाग संभाग मऊगंज द्वारा ठेकेदार को निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का भुगतान किया गया। ईओडब्ल्यू के अनुसार शिकायत में अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत कर गुणवत्ताविहीन कार्य कराने और उसके बावजूद भुगतान प्राप्त करने के आरोप सामने आए थे।
पांच गांवों में जल प्रदाय शुरू नहीं होने का आरोप
जांच में जुड़मनिया, रघुनाथ, खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़ और शिवराजपुर में जल प्रदाय से जुड़े कार्यों को गुणवत्ताविहीन या अधूरा पाए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि निर्माण कार्य उपयोगी स्थिति में नहीं होने के बावजूद भुगतान किया गया और संबंधित गांवों में अब तक जल प्रदाय शुरू नहीं हो सका।
इन अधिकारियों और ठेकेदार पर कसा शिंकजा
जॉच के आधार पर ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. (जनार्दन प्रसाद) द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, तत्कालीन उपयंत्री ए.पी. तिवारी और ठेकेदार शिवेन्द्र कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(5), 318(4), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7(सी), 13(1), 13(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
