अब तक वैध कमाई 20-25 लाख, संपत्ति मिली 3 करोड़ की ……पांच बसें, दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर सहित दो करोड़ के वाहन मिले2014 में दैनिक वेतनभोगी के रूप में शुरू की थी नौकर …………आय के मुकाबले 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति

बालाघाट । ईओडब्ल्यू जबलपुर ने बालाघाट के लांजी में मनेरी सेवा सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक विलास चैारे पिता मानिकचंद चैारे के घर छापा मार कार्यवाही करते हुए आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिये संर्चिग की। कार्रवाई में टीम को वाहनों, जमीन, मकान, बैंक खातों, बीमा पॉलिसी, सोने और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। वे घर में जिम खोलने वाले थे। इसके लिए 10 लाख रुपए की मशीने भी खरीदकर रखी थी।
वैध कमाई और मिली संपत्ति में 500 प्रतिशत का अंतर….
विलास चौरे ने साल 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतनभोगी के रूप में नौकरी शुरू की थी। वर्तमान में वह मनेरी सेवा सहकारी समिति में प्रभारी प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। ईओडब्ल्यू अब उनकी पूरी सेवा अवधि की वैध आय, वेतन, अन्य आय और संपत्तियों का मिलान कर रही है। ईओडब्ल्यू अफसरो के अनुसार शुरुआती मिलान में उनकी ज्ञात आय करीब 20 से 25 लाख रुपए के आसपास सामने आई है, जबकि मिली संपत्तियों का मूल्य इससे कई गुना अधिक है। सूत्रो के अनुसार प्रारंभिक जांच के आधार पर यह अंतर करीब 500 गुना तक बताया गया है। हालांकि अफसरो का कहना है की संपत्तियों के अंतिम मूल्यांकन और आय के वैध स्रोतों का मिलान पूरा होने के बाद ही सही अनुपात साफ हो सकेगा।

दो करोड़ के वाहन, पत्नी के नाम पर ट्रैवल्स का काम…..
ईओडब्ल्यू अधिकारियो के अनुसार चौरे के पास मिले वाहनों की कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपए है। इनमें पांच बसें शामिल हैं। चार 50 सीटर बस और एक ट्रैवलर बस है। इसके अलावा दो बोलेरो, एक ग्रैंड विटारा, एक स्कॉर्पियो और दो ट्रैक्टर मिले हैं। दोनों ट्रैक्टर खेती के लिए किराए पर चलाए जाते थे। चौरे पत्नी के नाम से टूर एंड ट्रैवल्स का काम भी कर रहे थे। मातोश्री नाम से बालाघाट से हैदराबाद रूट पर तीन बसों के संचालन की जानकारी भी सामने आई है।
50 लाख का मकान, 10 लाख की कृषि जमीन…
विभाग के अनुसार, चौरे ने साल 2016 में लांजी में मकान बनाया था। इसमें करीब 50 लाख रुपए का निर्माण कराया गया था। करीब छह महीने पहले पास के गांव में 10 लाख रुपए की कृषि भूमि खरीदी थी। घर में 5 लाख रुपए का सोना मिला है। पत्नी, बेटे और ट्रैवल्स के नाम से जिला सहकारी बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाते मिले हैं। इन खातों पर रोक लगा दी गई है। एलआईसी की चार पॉलिसियां भी मिली हैं।
2014 में दैनिक वेतनभोगी से शुरु की थी नौकरी प्रभारी प्रबंधक तक पहुंचे….
अधिकारियो ने बताया कि विलास चौरे साल 2014 में सेवा सहकारी समिति में दैनिक वेतन भोगी के रूप में पदस्थ हुए थे। वर्तमान में वे प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। करीब 12 साल की नौकरी में उनकी आय लगभग 25 लाख रुपए बताई गई है। और अब वह करोड़ो का आसामी है। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच जारी..
आगे की कार्यवाही करते हुए आरोपी विलास चैारे एवं उसके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंक शाखाओं में 8 खातें एवं बीमा पॉलिसियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है। बैंक खातों में जमा रकम और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई हैं। संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
