ठेकेदार से 40 लाख के बिल पास कराने के बदले मांगे थे 12 प्रतिशत राशि यानी 4 लाख रूपये……………………. लोकायुक्त टीम ने मौके पर पकड़ा

मंडला । मंडला नगर पालिका के सीएमओ गजानन नाफड़े को शुक्रवार को लोकायुक्त टीम ने 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। कार्रवाई नगर पालिका कार्यालय में हुई। लोकायुक्त के मुताबिक, जबलपुर जिले के पिंडरई निवासी 57 वर्षीय ठेकेदार ज्ञानचंद बेन ने सीएमओ के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। ज्ञानचंद बेन और उनकी पत्नी मंजू बेन शासकीय पंजीकृत ठेकेदार हैं। उनकी पत्नी के नाम से एमएस पलक बेन फर्म पंजीकृत है। फर्म को मंडला नगर पालिका से वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एलईडी लाइट और फिटकरी सप्लाई का ठेका मिला था। वहीं, ज्ञानचंद बेन को पाइप जॉइंट और वाटर कूलर सप्लाई का काम मिला था।
पत्नी की फर्म को 39.23 लाख का भुगतान हुआ था….
लोकायुक्त के अनुसार, मंजू बेन की फर्म के काम का 39 लाख 23 हजार रुपए का भुगतान हो चुका था। इसके बाद ज्ञानचंद बेन अपने करीब 15 लाख रुपए के भुगतान के लिए सीएमओ गजानन नाफड़े से मिले। आरोप है कि सीएमओ ने 15 लाख रुपए के भुगतान के एवज में पत्नी की फर्म को पहले हुए भुगतान की 12 प्रतिशत राशि यानी करीब 4 लाख रुपए रिश्वत के रूप में मांगी।
2 लाख की पहली किस्त पर बनी सहमति…….
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन किया। इस दौरान सीएमओ के 2 लाख रुपए की पहली किस्त लेने पर सहमत होने की बात सामने आई। शुक्रवार को जबलपुर के ठेकेदार ज्ञानचंद बेन 2 लाख रुपए लेकर मंडला नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। रुपए दिए जाने के दौरान लोकायुक्त टीम ने सीएमओ गजानन नाफड़े को रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम सीएमओ को नगर पालिका कार्यालय से सर्किट हाउस लेकर पहुंची। यहां पंचनामा समेत आगे की कानूनी कार्रवाई की गई। टीम मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत जुटा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस……
लोकायुक्त निरीक्षक जितेंद्र यादव के अनुसार, आरोपी सीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)बी और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। शिकायतकर्ता ज्ञानचंद बेन के मुताबिक, उनकी पत्नी की फर्म के भुगतान के बाद उनके 15 लाख रुपए के भुगतान का मामला लंबित था। इसी भुगतान के एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त से की गई थी।
