
केंद्र सरकार पर युवाओं और जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का आरोप
बालाघाट। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन के तहत शनिवार शाम 6 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय बालाघाट से स्कूटर रैली निकाली गई। रैली मेन रोड, काली पुतली एवं अंबेडकर चौक होते हुए हनुमान चौक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए केंद्र सरकार के रवैये के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली जाने वाले लोगों की आवाजाही बाधित किए जाने और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। यदि अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को रोकने के लिए इस तरह के कदम उठाए जाते हैं, तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। कांग्रेस पार्टी ऐसे रवैये की कड़ी निंदा करती है। युवाओं के साथ-साथ राहुल गांधी और सांसदों के साथ जिस प्रकार की बर्बरता किए जाने और पुलिस के माध्यम से उनकी आवाज दबाने के आरोप सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसा लोकतंत्र है, जहां युवाओं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के आरोप लग रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर सुरक्षा के अलग-अलग मापदंड दिखाई देते हैं यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार और लोकतंत्र का गला दबाने जैसा है।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अनूप सिंह बैस ने कहा कि यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से प्रचलित एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कुत्ता चोर को देखकर भौंकना बंद कर दे, तो समझ लेना चाहिए कि कहीं न कहीं चोर और कुत्ते के बीच मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि यह कथन लोकतंत्र में सजगता, जवाबदेही और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता को दर्शाता है।
