
बीईओ जय नारायण बैरागी पर रिश्वत मांगने और कर्मचारी के जरिए रकम मंगवाने का आरोप
झाबुआ। निलंबन अवधि के आठ माह के बकाया वेतन के 2.30 लाख रुपए का बिल पास कराने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को झाबुआ में ट्रैप कार्रवाई की। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पवन सिंह बिलवाल को रिश्वत की रकम लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। मामले में बीईओ जय नारायण बैरागी और बिलवाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बैरागी पर रिश्वत मांगने और कर्मचारी के माध्यम से रकम मंगवाने का आरोप है।
लोकायुक्त के अनुसार, शासकीय बालक छात्रावास, सेमलिया बड़ी, झाबुआ के अधीक्षक धूम सिंह सिंगाड़ ने इंदौर स्थित लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि निलंबन अवधि के आठ माह के करीब 2 लाख 30 हजार रुपए के वेतन बिल पास कराने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में इसका सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।
:: केमिकल लगे नोट लेते ही पकड़ा ::
गुरुवार, 22 अक्टूबर को लोकायुक्त की टीम विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची। शिकायतकर्ता धूम सिंह ने सहायक ग्रेड-3 पवन सिंह बिलवाल को 10 हजार रुपए के केमिकल लगे नोट दिए। बिलवाल के रकम गिनने के दौरान टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। पूछताछ में बिलवाल ने कथित तौर पर बताया कि उसे रिश्वत की रकम लेने के लिए बीईओ बैरागी ने कहा था।
:: दोनों के खिलाफ मामला दर्ज ::
लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) के तहत अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप दल में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक विजय और विवेक मिश्रा तथा आरक्षक आदित्य भदौरिया, कमलेश और पवन पटोरिया शामिल थे।
