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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी न तो महाराष्ट्र और न ही झारखंड विधानसभा चुनाव में हिस्सा ले रही है, लेकिन अरविंद केजरीवाल दोनों ही राज्यों में इंडिया ब्लॉक के लिए चुनाव कैंपेन करेंगे। अरविंद केजरीवाल का ये कैंपेन भी लोकसभा चुनाव जैसा ही होगा, लेकिन दोनों में एक फर्क होगा। लोकसभा चुनाव में केजरीवाल ने इंडिया ब्लॉक के लिए कैंपेन किया था, लेकिन इस बार ऐसे आसार नजर आ रहे हैं जिससे मालूम होता है कि वह कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार नहीं करने जा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए रोड शो किया था। केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव में हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के साथ जमशेदपुर में संयुक्त रैली की थी और झारखंड के लोगों से सीएम की गिरफ्तारी का बदला लेने की भी अपील की थी। दिल्ली में भी ऐसी ही बातें वह अपने लिए कह रहे थे। अगर दिल्ली के लोगों ने इंडिया ब्लॉक को जीत का सेहरा पहना दिया तो उनको जेल में नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन अंतरिम जमानत की अवधि पूरी होते ही उनको जेल जाना पड़ा था। फिलहाल अरविंद केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में जमानत पर हैं।
आप नेता व सांसद संजय सिंह के मुताबिक अरविंद केजरीवाल पहले ही कह चुके हैं कि इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार झारखंड और महाराष्ट्र में जहां भी बुलाएंगे तो वह प्रचार करने जरूर जाएंगे। सवाल ये है कि क्या ये बात कांग्रेस उम्मीदवारों पर भी लागू होती है? एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के दो राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के लिए केजरीवाल से संपर्क किया था और वह इस बात के लिए तैयार हैं कि कुछ रैलियां जरूर करेंगे। ये रैलियां कब और कहां होंगी अभी तय नहीं है। अरविंद केजरीवाल इंडिया ब्लॉक के राजनैतिक दलों के लिए नवंबर में महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार करेंगे। महाराष्ट्र में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और एनसीपी (सपा) के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करने की बात कही जा रही है। वैसे ही झारखंड में अरविंद केजरीवाल झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने जाएंगे।
अब सवाल ये उठा रहा है कि केजरीवाल क्या कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार नहीं करना चाहते? और इसीलिए एक कंडीशन रख दी है कि जो उम्मीदवार बुलाएंगे, उनके लिए वह चुनाव प्रचार करने जाएंगे। ये तस्वीर तो तभी साफ हो पाएगी, जब कोई कांग्रेस उम्मीदावर बुलाएं और केजरीवाल उसके लिए वोट मांगने से इनकार कर दें। अगर अरविंद केजरीवाल महाराष्ट्र में तीन पार्टियों के लिए चुनाव कैंपेन की हामी भर चुके हैं, तो निश्चित तौर उन राजनीतिक दलों के नेताओं हेमंत सोरेन, शरद पवार और उद्धव ठाकरे से ही बात हुई होगी। ऐसा तो हुआ नहीं होगा कि तीनों दलों के सभी उम्मीदवारों ने अलग से अरविंद केजरीवाल को कैंपेन के लिए न्योता भेजा हो।

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