
महाराष्ट्र में बेरोजगारी की समस्या गंभीर, दूसरे राज्य में प्रोजेक्ट जाने से कैसे मिलेगा रोजगार ?
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य की स्थापना के बाद से कांग्रेस सरकार ने अपनी नीतियों के बल पर इस राज्य को नंबर वन बनाया था, लेकिन बीजेपी की अगुवाई में बनी महायुति सरकार के कार्यकाल में महाराष्ट्र सभी सेक्टर में पिछड़ गया है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। लेकिन पिछले कुछ सालों में बीजेपी सरकार के कारण महाराष्ट्र हर मोर्चे पर पीछे खड़ा है। महाराष्ट्र की परियोजनाएं दूसरे राज्यों में जाने से निवेश और रोजगार भी चला गया है। किसानों के संकट में होने से आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय घटी है और कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी गठबंधन सरकार गुजरात के इशारे पर काम कर रही है और अब समय आ गया है कि महाराष्ट्र से महायुति की सत्ता को हटा कर महाविकास आघाडी की सत्ता फिर से लाया जाए। यह आह्वान पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सांसद पी. चिदंबरम ने किया है। शनिवार को मुंबई के तिलक भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पी. चिदंबरम ने भाजपा शासन में महाराष्ट्र की गिरावट को आंकड़ों के साथ विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की प्रति व्यक्ति आय 9.6 प्रतिशत से गिरकर 7.6 प्रतिशत, कृषि क्षेत्र 4.5 प्रतिशत से गिरकर 1.9 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र 13 प्रतिशत से गिरकर 8 प्रतिशत और रियल सेक्टर क्षेत्र 14.5 प्रतिशत से घट कर 6.2 प्रतिशत पर आ गया है। राजकोषीय घाटा भी लगातार बढ़ रहा है। सरकार पैसे तो खर्च कर रही है लेकिन किसी भी सेक्टर में ग्रोथ देखने को नहीं मिल रही है। आज महाराष्ट्र में बेरोजगारी की समस्या बहुत गंभीर है और बेरोजगारी दर 10.8 प्रतिशत है। वेतन कमाने वालों की संख्या 40 प्रतिशत से बढ़कर 31 हो गई है जबकि 40 प्रतिशत स्व-रोज़गार हैं। 18 हजार पुलिस भर्ती के लिए 11 लाख आवेदन आए थे जबकि 4600 तलाठी पदों के लिए 11.5 लाख लोगों ने आवेदन किया था। इससे पता चलता है कि महाराष्ट्र में बेरोजगारी की स्थिति कितनी गंभीर है। चिदंबरम ने कहा कि महाराष्ट्र के युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा है इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राज्य में नौकरियां कहां हैं? 20 तारीख को मतदान करते समय महाराष्ट्र के युवा लड़के-लड़कियों और उनके माता-पिता को गडकरी का बयान नौकरियां कहां हैं? जरूर याद रखना चाहिए।
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि बड़े बिजनेस हाउस महाराष्ट्र में निवेश के लिए तैयार थे, इसके लिए आपसी सहमति भी बनी, प्रोजेक्ट के लिए जगह भी तय हुई लेकिन फिर ये प्रोजेक्ट दूसरे राज्य में चले गए। एक छोटा बच्चा भी बता सकता है कि रायगढ़ में बल्क ड्रग्स प्रोजेक्ट, तालेगांव में वेदांत फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, नागपुर में टाटा एयरबस प्रोजेक्ट किस राज्य के लिया आया था और बाद में कहां चला गया।चिदंबरम ने कहा कि अगर रोजगार देने वाली बड़ी परियोजनाएं दूसरे राज्यों में चली जाएगी तो महाराष्ट्र के युवाओं को रोजगार कहां मिलेगा?
पी. चिदंबरम ने आगे कहा कि किसानों के मामले में भी भाजपा सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है। उल्टे भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति के कारण महाराष्ट्र के किसान संकट में हैं। महाराष्ट्र में 65 लाख टन प्याज का उत्पादन होता है, अगर इस प्याज का निर्यात किया जाए तो किसानों को अच्छी कीमत मिलती है, लेकिन केंद्र की बीजेपी सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है और इस पर 40 फीसदी टैक्स लगा दिया है। जिससे बाजार में प्याज की कीमत गिरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ। आज महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या बढ़ गई है, पिछले एक साल में महाराष्ट्र में 2851 किसानों की आत्महत्या की खबरें आई हैं। जब किसान भारी संकट में हों तो उन्हें कर्जमाफी देकर बोझ से राहत देनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों को कर्जमाफी नहीं दी है। चिदंबरम ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की 17.4 फीसदी आबादी गरीबी रेखा से नीचे है। चिदंबरम से पत्रकारों ने सवाल किया कि, क्या यह संभव है कि ऐसे हालात में बीजेपी ने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर और महाराष्ट्र की 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसे हासिल किया जा सकता है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने 5 ट्रिलियन का लक्ष्य हासिल करने के लिए समय सीमा बढ़ा दी है, यह लक्ष्य 2022-23 में हासिल किया जाना था। लक्ष्य नहीं बल्कि देश की आर्थिक गति महत्वपूर्ण है।
रोजगार सृजन पर बोलते हुए चिदंबरम ने कहा कि आज मेडिकल और शिक्षा समेत अन्य सेक्टर में बहुत सारे लोगों की जरूरत है। आज इस क्षेत्र में वैकेंसी हैं, उन्हें भरा जाना चाहिए। चिदंबरम ने बताया कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान रोजगार सृजन योजना की विस्तार से जानकारी दी थी। कांग्रेस ने सरकारी ;पदों को भी जल्द भरे जाने की योजना बनाई है।
