
नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मामला में महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में कथित शिवलिंग का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वेक्षण कराने की मांग वाली याचिका पर मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी कर दिया। यह याचिका हिंदू पक्ष की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ज्ञानवापी मामले में वाराणसी की निचली अदालत में चल रहे सभी 15 मामलों को हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की हिंदू पक्ष की मांग पर सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मामला पेश करते हुए हिंदू पक्ष के वकील ने कहा कि कुछ याचिकाएं जिला जज और कुछ सिविल जज के पास हैं। इसकारण एक ही मामले पर अलग-अलग कोर्ट से अलग-अलग आदेश आ रहे हैं। इसलिए हमारी मांग है कि ज्ञानवापी से जुड़ी सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में तीन जजों की बेंच के पास स्थानांतरित किया जाए।
इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि हिंदू पक्ष वुजुखाना के सील किए गए इलाके का एएसआई सर्वे चाहता है। जिला कोर्ट ने मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी।
