
पत्नि-साली की हत्या करने वाले आरोपी एएसआई से पूछताछ जारी
भोपाल। राजधानी के ऐशबाग थाना इलाके के सुभाष नगर स्थित एक बिल्डिंग के फ्लैट में रहने वाली अपनी पत्नि गुड़िया उर्फ विनीता मरावी पत्नि योगेश मरावी (40) और साली मेघा उइके पिता जयपाल सिंह (35) चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी एएसआई योगेश मरावी ने पुलिस पूछताछ पत्नि के सबंधो को लेकर कई खुलासे किए हैं। आरोपी एएसआई योगेश मरावी ने खुलासा किया की उसकी पत्नि की एक एसआई से काफी नजदीकियां थी। वह एसआई पूर्व में योगेश के साथ मैहर में पदस्थ रह चुका है। उस समय दोनों की दोस्ती हुई और पहचान बढ़ने पर एक-दूसरे के घर आना-जाना शुरु हो गया था। बताया जाता है, इसी दौरान एसआई और विनीता क खासी पहचान हो गई थी। इसकी भनक योगेश को लगने पर उनके बीच झगड़े होने लगे थे। करीब 4 महीनों से मनमुटाव बढ़ने पर विनीता मायके जाकर रहने लगी थी। बाद में उसे भोपाल में रहने वाली छोटी बहन मेघा ने अपने पास रहने के लिये बुला लिया था। सूत्र बताते है की योगेश को भनक लगी की भोपाल में विनीता का उस एसआई से मिलना जुलना जारी है, और वह विनीता और मेघा के फ्लैट पर रुका हुआ है। इस बात को लेकर भी उसका पत्नि से फोन पर काफी झगड़ा हुआ था। गुस्से में भरा योगेश दोनों को जान से मारने की नियत से सोमवार देर रात ही मंडला से निकलकर मंगलवार सुबह भोपाल पहुंचा था। जब नौकरानी की आवाज सुनकर फ्लैट का दरवाजा खुला तब उसके पीछे से आये योगेश ने फ्लैट में घुसकर दोनों बहनों की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी। दोनो की हत्या के बाद योगेश पत्नि के प्रेमी एसआई की हत्या करने के बाद खुदकुशी करना चाहता था। इसके लिए उसने अपने पिता के नाम सुसाइड नोट लिखा है। नोट में उसने लिखा है की, उसका एसआई के साथ प्रेम प्रसंग है। विनीता को लेने कई बार जा चुका हूं, लेकिन हर बार वह और उसकी बहन मेघा मना कर देते हैं। गौरतलब है कि बालाघाट निवासी गुड़िया उर्फ विनीता मरावी पत्नि योगेश मरावी (40) और उसकी बहन मेघा उइके पिता जयपाल सिंह (35) फिलहाल भोपाल के पदमनाभ नगर के पास सिमी अपार्टमेंट फेज-2 की दूसरी मजिंल पर बने फ्लैट में किराये से रहती थी। विनीता गृहणी थी, जबकि मेघा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में वित्त लेखाधिकारी थी। विनीता की शादी योगेश से हुई थी, योगेश मरावी पुलिस विभाग मे है, और फिलहाल मंडला के मंडला मवई थाने में एएसआई के पद पर पदस्थ था। लेकिन कई सालो बाद भी उनकी कोई संतान नहीं थी। मंगलवार सुबह योगेश ने फ्लैट में घुसकर दोनो की हत्या कर दी थी। डबल मर्डर के बाद योगेश कार से फरार हो गया था। लेकिन चंट घंटो बाद ही शाम पांच बजे योगेश को मंडला में पिंडरई पुलिस चौकी पर हिरासत में ले लिया गया था।
