अहमदाबाद | शहर के ख्याति अस्पताल कांड की जांच कर रही अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक और गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है| पुलिस ने फर्जी आयुष्यमान कार्ड जारी करने के एक घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें महज 1500 रुपए के लिए 15 मिनट में आयुष्मान कार्ड निकाला जाता था| पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात है कि कार्तिक पटेल, चिराग पटेल ने 8 लोगों के साथ मिलकर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया था| क्राइम ब्रांच ने आरोपियों को सूरत और भावनगर से गिरफ्तार किया है| अब पुलिस आगे की जांच कर रही है कि सरकारी पोर्टल से निकाले गए कितने आयुष्मान असली हैं और कितने नकली। ऐसे लोगों के लिए आजीवन कार्ड बनाए गए जो पीएमजेएवाय के लिए पात्र नहीं थे। ये आरोपी मनमर्जी से उसका पीएमजेएवाई कार्ड बना रहे थे। पीएमजेएवाई कार्ड बनाने के रैकेट में ख्याति अस्पताल की संलिप्तता सामने आई है। फिलहाल इस मामले में 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है| गिरफ्तार आरोपियों में अहमदाबाद के कार्तिक जशुभाई पटेल, चिराग हरिसिंह राजपूत, निमेश दिलीपभाई डोडिया, मोहमद फजल शेख, मोहमद अस्फाक शेख, निखिल पारेख के अलावा भावनगर के नरेन्द्रसिंह गोहिल, बिहार का राशिद, सूरत का इमरान जाबिर हुसैन शामिल है| आशंका है कि यह घोटाला अहमदाबाद के साथ-साथ गुजरात और देशभर में हो रहा है| गुजरात में आयुष्मान कार्ड सरकारी पोर्टल की तकनीकी खामी का दुरुपयोग कर और वेबसाइट पर जाकर SOURCE Code से छेड़छाड़ कर हजारों कार्ड बनाए गए हैं| नियम के मुताबिक 2 से 3 दिन में बनने वाला आयुष्यमान कार्ड महज गुजरात में 15 मिनट में बन जाता था| आधार प्रूफ से छेड़छाड़ कर इस एक कार्ड के लिए 1500 से 2000 रुपये तक का चार्ज वसूला जाता था| यह सिर्फ एक घोटाला है जो पकड़ा गया है लेकिन इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर सरकारी वेबसाइट की खराबी के कारण देश भर के अस्पतालों में इसी तरह के घोटाले चल रहे हों। मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत 2018 में की थी| गुजरात में 2018 से 2022 तक निजी अस्पतालों को राज्य सरकार के अस्पतालों से छह गुना ज्यादा पैसा दिया गया है| पीएमजेएवाय योजना के तहत सरकारी अस्पतालों को केवल रु. 509 करोड़ का भुगतान किया गया है| जबकिनिजी-कॉर्पोरेट अस्पतालों को रु. 2884 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है|
