वाराणसी । उत्तरप्रदेश में अलग-अलग जिले के मुस्लिम बहुल इलाकों में मंदिरों के मिलने का सिलसिला जारी है। संभल में 4 दिन में 2 बंद मंदिर मिले हैं। ये दोनों मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके में हैं। मंगलवार को मुजफ्फरनगर और वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाके में भी खंडहर हालत में शिव मंदिर मिला है। इन मंदिरों का राजस्व रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। संभल में पहला मंदिर 14 दिसंबर को मिला था। ये शिव मंदिर है, जिसे कार्तिकेश्वर मंदिर कहा जा रहा है। ये मंदिर जामा मस्जिद से डेढ़ किलोमीटर खग्गूसराय में मिला था। कार्तिकेश्वर मंदिर के पास मस्जिद के पास कुआं मिला है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका ने कुएं को बंद करा दिया था। मंगलवार को प्रशासन की टीम ने बंद कुएं को खुदवाना शुरू किया। संभल के हयात नगर के सरायतरीन में मंगलवार को दूसरा मंदिर मिला। ये मंदिर राधा-कृष्ण का है। पुलिस ने मंदिर की चाबी मंगवाकर खुलवाया है। 20 फीट के आसपास ऊंचाई में बने इस मंदिर में हनुमान जी की 4 फीट ऊंची मूर्ति और राधा कृष्ण की मूर्तियां स्थापित हैं।संभल के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मुस्लिम आबादी के बीच एक शिव मंदिर खंडहर हालत में मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, नगर कोतवाली क्षेत्र के खालापार मोहल्ले में 54 साल पहले 1970 में भगवान शिव शंकर के मंदिर की स्थापना की गई थी। उस समय ये क्षेत्र हिंदू बहुल हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे मुस्लिम आबादी बढ़ने के बाद हिंदू समाज के लोग यहां से पलायन कर गए। पलायन करते समय ये लोग अपने साथ इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग और अन्य भगवानों की मूर्ति को भी ले गए थे। इस मोहल्ले में लगातार मुस्लिम समाज की आबादी बढ़ती चली गई। स्थानीय भाजपा नेता सुधीर खटीक भी पलायन करने वाले लोगों में शामिल थे। उन्होंने बताया, सबसे पहले 1970 में इस मंदिर की स्थापना हुई थी। वहां पूजा अर्चना लगातार होती रही। इसके बाद राम मंदिर का मुद्दा उठने लगा। वहां मुस्लिम बहुत तादाद में बढ़ते रहे। हिंदू वहां से पलायन कर गए। वहां मुस्लिम आबादी ने मीट की दुकान खोली। ऐसे में पूजा-अर्चना करना असंभव सा हो गया। इसलिए हिंदू समाज के कुछ लोग वहां से मूर्तियां विस्थापित करके ले गए। उत्तरप्रदेश के वाराणसी के मुस्लिम बहुल मदनपुरा क्षेत्र की गलियों के बीच मंगलवार को एक बंद शिव मंदिर मिला है। इस मंदिर में ताला लगा हुआ है। जैसे ही मंदिर का मामला प्रकाश में आया, क्षेत्रीय हिंदू नागरिकों ने मंदिर को खोलकर पूजा पाठ शुरू करने की मांग कर दी। मदनपुरा इलाका संवेदनशील माना जाता है। ये काशी विश्वनाथ मंदिर से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। शिव मंदिर मिलने की सूचना पर प्रशासन की तरफ से संपत्ति की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही जा रही है।
