
मेरी एक ही विचारधारा है, इंसानियत, प्यार, मोहब्बत, सहिष्णुता और शांति
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दिल्ली चुनाव में हिंदुत्व के मुद्दे को तूल नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने इस मुद्दे से किनारा करते हुए कहा है कि वह स्कूल, अस्पताल, पानी का इंतजाम करना जानते हैं और बाकी मुद्दे बीजेपी को मुबारक। केजरीवाल ने कहा कि वह अयोध्या में परिवार के साथ रामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भगवान पर किसी का एकाधिकार नहीं है, उनपर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में केजरीवाल से सवाल किया गया कि आप भी सॉफ्ट हिंदुत्व पर चलने लगे थे। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि मेरी नजरों में कोई सॉफ्ट औन न ही कोई हार्ड हिंदुत्व है। ये सारे मुद्दे उनको (बीजेपी) को मुबारक हों। आप मेरे से पूछ लो दिल्ली में घर-घर पानी कैसे देना है, मैं पूरा प्लान समझा दूंगा। यमुना कैसे साफ करनी है, मुझ से पूछ लीजिए, बच्चों को शिक्षा कैसे देनी, अस्पताल कैसे ठीक करनी है, दवाइयां कैसे पहुंचानी है, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर हंसते हुए कहा कि बाकी सारे बड़े-बड़े मुद्दे उनको ही मुबारक हों।
एक अन्य सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि मैं राम मंदिर गया था। अपने माता-पिता और पत्नी को लेकर। दोबार जाएंगे, तिबारा भी जाएंगे। भगवान के ऊपर किसी का एकाधिकार नहीं है। भगवान के साथ राजनीति मत करो। भगवान से डरो। ऊपर वाले से डरो। कोई तो शक्ति है जो इस दुनिया को चला रही है, उससे डरो। अहंकार मत करो, इनको बहुत अंकार हो गया है।
केजरीवाल ने कहा कि आपस में लड़ने से देश तरक्की नहीं कर सकता है, शांति के साथ सभी लोगों को मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि मेरी एक ही विचारधारा है, इंसानियत, प्यार, सहिष्णुता, शांति। हमें शांति के साथ देश का विकास करना है। देश के करोड़ों लोग एक साथ। हम आपस में लड़ाई झगड़े करेंगे, गाली गलौच करेंगे? अभी माहौल बहुत खराब हो गया देश का, जिस तरह हम देखते हैं सोशल मीडिया पर आसपास, वॉट्सऐप ग्रुप में। यह अच्छा नहीं है देश में शांति होनी चाहिए, प्यार मोहब्बत होनी चाहिए, तभी तो देश तरक्की करेगा। हम दुनिया में नंबर वन देश बन सकते हैं, हमारे पास भगवान का दिया सबकुछ है, लेकिन हम आपस में ही लड़ते रहते हैं। आपस में लड़ने से बात नहीं बनेगी। आपस में भाईचारे और प्यार-मोहब्बत से ही हम देश को दुनिया में नंबर वन बना सकते हैं।
