
बाबा साहब के सम्मान में फूलबाग अंबेडकर पार्क से महाराज बाड़ा तक कांग्रेस के पैदल मार्च
ग्वालियर । राज्यसभा में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी पर टिप्पणी करने के विरोध में देषभर में किए जा रहे अंादोलन के अंर्तगत अ.भा. कंाग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के आदेषानुसार एवं मप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देषानुसार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के सम्मान में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा के नेतृत्व एवं ग्रामीण कागं्रेस अध्यक्ष प्रभूदयाल जौहरे, पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव, विधायक डॉ. सतीष सिकरवार, सुरेष राजे, प्रदेष महासचिव सुनील शर्मा, श्रीमती रष्मि पवार शर्मा की उपस्थिती में फूलबाग स्थित अंबेडकर पार्क से बाबा साहब को नमन माल्यपर्ण कर कंाग्रेसजनो ने पैदल मार्च प्रारंभ किया जो कि अंबेडकर पार्क से प्रारंभ होकर गुरूद्वारा, नदी गेट, जयंन्द्रगंज, इंदरगज, ओल्ड हाईकोर्ट रोड, ऊंट पुल, पाटनकर बाजार, दौलतगंज होता हुआ महाराज बाड़े पर समाप्त हुआ, पैदल मार्च की समाप्ति पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एस.डी.एम. महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।
पैदल मार्च की समाप्ति के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम सौंपे हुए ज्ञापन में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि जैसा कि आप जानते होंगे कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस डॉ. भीमराव बाबासाहेब अंबेडकर जी की विरासत और उनकी अध्यक्षता में तैयार किए गए संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में अडिग है। संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में कंाग्रेस पार्टी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संविधान और इसके द्वारा गारंटीकृत अधिकारों का सत्तारूढ़ शासन द्वारा उल्लंघन न हो। श्री अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणी पर दलित समुदाय के सदस्यों और नेताओं ने उनकी टिप्पणियों की निंदा की है जिसने ‘दलित आइकन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।’ वास्तव में, हमारे संविधान के पिता के प्रति अनादर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और हमारे जिले सहित देश भर में इसके कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिध्वनित और बचाव किया गया है। सत्तारूढ़ शासन और उसके नेताओं को इस तरह से आचरण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है जो केवल उनकी विचारधारा के अनुरूप हो।डॉ. अंबेडकर के कद और भारत के नागरिकों के सम्मान को देखते हुए यह स्पष्ट है कि श्री अमित शाह की टिप्पणियों ने लाखों भारतीयों की भावनाओं को आहत किया है। अब, भारत की संसद में प्रमुख विपक्ष के रूप में, और एक ऐसी पार्टी होने के नाते जो संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में तेजी से खड़ी है, हम सर्वाेच्च संवैधानिक पदाधिकारी और संघ राज्य के प्रमुख से अनुरोध करते हैं कि वे तुरंत श्री अमित शाह को हमारे देश के केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में बर्खास्त करें और उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए एक सार्वजनिक माफी जारी करने का निर्देश दें।
