
दतिया। प्रथम अपर सत्र न्यायधीश उत्सव चतुर्वेदी की न्यायालय ने आरोपी दिलीप, दिलीप के पिता भगवानदास माहौर निवासी सीटोला मोहल्ला और दोस्त पोले उर्फ इमरान खान निवासी काजीपाठा मोहल्ला भांडेर को मथुरा प्रसाद की हत्या के प्रकरण में उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 3600-3600 रुपए जुर्माना भी लगाया है।
पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता ने बताया 7 नवंबर 2018 को रात 9 बजे भांडेर के सिटोला मोहल्ला में फरियादी लक्ष्मीनारायण अपने मकान के बगल में बने चौमुखी कालका मंदिर पर दीपक रखने गया था तभी दिलीप, भगवानदास, सुनील और इमरान आ गए। चूंकि आरोपियों से रंजिश चल रही थी। मंदिर पर चारों ने गालियां दीं और मंदिर में दीपक पहले रखने की बात को लेकर विवाद करने लगे। भगवान दास ने लक्ष्मीनारायण की लाठी डण्डों से मारपीट कर दी। फरियादी का पिता मथुरा प्रसाद, भाई रामसेवक और चाचा महेश बचाने आए तो दिलीप ने मथुरा के सिर में कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। पोले खान एवं सुनील ने लात घूसों से मारपीट की तथा फरियादी की मां आई तो दिलीप ने उसे धक्का मार दिया। घायलों को भांडेर अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान मथुरा प्रसाद की 17 नवंबर को मौत गई थी।
भांडेर पुलिस ने हत्या की धारा का इजाफा किया। चारों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
