
बारिश से औरिया मटर मंडी में मचा दलदल
जबलपुर। हाल ही में औरिया बायपास पर शुरु की गई नई मटर मंडी एक दिन की बारिश में चारों तरफ कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई| वहीं वहां पर रखा किसानों का करीब ढाई सौ टन मटर खराब हो गया, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए बताई जा रही हैं| किसान और व्यापारी दोनों परेशान हो गए और मटर मंडी में काम ठप्प हो गया| प्रशासन ने जल्दबाजी में किसी व्यवस्था के जगह की नपाई कराकर अस्थाई तौर पर औरिया में नई मटर मंडी शिफ्ट कर दी, जिसका खामियाजा किसान और व्यापारी दोनों भुगत रहे हैं| दरअसल मंडियों में आने वालें वाहनों की यातायात व्यवस्था भी नहीं बनाई गई और बारिश में मंडी के चारों तरफ कीचड़ मच गया| जिसमें कई वाहन फंस गए| जिन्हें निकालने के लिए ठंड में किसानों का पसीना बहाना पड़ा|
यहां गौरतलब है कि जबलपुर कृषि उपज मंडी में पहले मटर की खरीददारी होती थी| पिछले वर्ष यातायात की समस्या उत्पन्न होने और बारिश के समय मटर खराब होने और किसानों द्वारा मटर की बोरिया रास्ते में फेके जाने से उत्पन्न समस्या को ध्यान में रखकर इस साल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर मटर खरीदी शुरु होने से पहले औरिया बायपास में व्यापारियों पर दबाव बनाकर मटर मंडी शिफ्ट कर दी| इससे न केवल जबलपुर बल्कि आसपास जिलों से आने वाले किसानों की मटर भी आसानी से खरीद ली जाएगी. पिछले दिनों हुई बारिश के चलते पहली मटर मंडी कीचड़ व दलदल में तब्दील हो गई. जिसके चलते मटर लेकर आए सौ से ज्यादा वाहन कीचड़ में फंस गए, कई वाहन खराबी आने के कारण फंसे रह गए, गाडिय़ों में लोड मटर को भी कीचड़ के कारण दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जा सका और करीब 250 टन मटर खराब हो गया. किसानों और व्यापारियों द्वारा काम ठप्प किए जाने के बाद मंडी प्रशासन ने मुरम, डस्ट व मिट्टी डालकर कीचड़ को कम करने की कोशिश की गई, लेकिन उसके बावजूद नई मंडी में काम करना आसान नहीं हो सका| ढाई सौ टन मटर खराब हो जाने के बाद अब बाजार में मटर के दाम बढ़ने की संभावना बनी है|
