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जल आवर्धन योजना हुई फेल, 40 प्रतिशत आबादी को नहीं मिल पा रहा है पानी
विधानसभा में उठाया था मुद्दा, जबलपुर व भोपाल की टीम ने की है जांच

बालाघाट। नगर में जल आवर्धन योजना फेल हो गई है। शहर की करीब 40 प्रतिशत आबादी को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को भोपाल व जबलपुर की टीम ने बालाघाट पहुंचकर पेयजल आपूर्ति के मामले की जांच की। पार्षदों, वार्डवासियों से समस्याएं जानी। जांच टीम ने शुक्रवार को नगर के 5 से अधिक वार्डों में पहुंचकर जल आवर्धन योजना से पेयजल आपूर्ति की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जांच अधिकारियों को कहीं प्रेशर कम तो कहीं मटमैला पानी मिला। दरअसल, बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने विधानसभा में बालाघाट के जल आवर्धन योजना की गड़बड़ी का मामला उठाया था। जिसके बाद शुक्रवार को भोपाल और जबलपुर से जांच टीम बालाघाट मुख्यालय पहुंची थी।
जानकारी के अनुसार बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने विधानसभा में शहर की जल आवर्धन योजना में गड़बड़ी का मामला उठाया था। जिसके बाद भोपाल और जबलपुर से तीन सदस्यीय जांच दल शुक्रवार को बालाघाट पहुंचा था। जांच दल में कार्यपालन यंत्री उपदेश शर्मा, जबलपुर संभागीय कार्यालय से कार्यपालन यंत्री सुरेश डेहरिया और सहायक यंत्री विजय बघेले शामिल थे। टीम ने शहर के विभिन्न वार्डों में बिछाई गई पाइप लाइन की जांच की। जांच में उन्हें अनेक खामियां मिली है। भटेरा चौकी के पंप हाउस गली में नालियों से सटी पाइप लाइन में सीपेज की समस्या भी सामने आई।
वार्डों में पहुंचकर देखी स्थिति
जांच टीम ने शुक्रवार को नगर के अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति की वस्तुस्थिति देखी। इस दौरान जांच अधिकारियों को कहीं मटमैला पानी मिला तो कहीं एक-डेढ़ फीट के ऊपर पानी का प्रेशर ही नहीं मिल पाया। अधिकारियों ने इस मामले में संबंधित वार्डों के निवासियों के बयान भी दर्ज किए। जांच के समय अधिकारियों ने संबंधित वार्ड के पार्षदों से भी चर्चा कर समस्याएं जानी।
पंप हाउस गली मेंं चार माह बाद हुई जलापूर्ति
शुक्रवार को जब जांच टीम नगर के वार्ड क्रमांक 2 भटेरा चौकी पंप हाउस गली के चौहान कॉलोनी पहुंची, वैसे ही वार्डवासियों का गुस्सा फुट पड़ा। वार्डवासियों ने अधिकारियों से कहा कि इस क्षेत्र में पिछले चार माह से जलापूर्ति नहीं हो रही है। शुक्रवार को अधिकारियों के आगमन की सूचना मिलने पर जलापूर्ति की जा रही है। जबकि वार्डवासी पिछले चार माह से लगातार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी कर रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा वार्डवासियों ने अनेक समस्याएं भी बताई।
विधानसभा में पेश करेंगे जांच प्रतिवेदन
जांच दल के कार्यपालन यंत्री उपदेश शर्मा ने कहा कि वे शिकायतों की जांच करने आए थे। जांच के लिए अलग-अलग वार्डों का भ्रमण किया। जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति को देखा। इसके बाद जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।
38 करोड़ रुपए की पेयजल योजना
नगरीय क्षेत्र बालाघाट में 38 करोड़ रुपए की लागत से जल आवर्धन योजना को स्वीकृति मिली थी। वर्ष 2016 से इस योजना के तहत निर्माण कार्य शुरु किया गया। इस योजना को वर्ष 2018 में पूरा किया जाना था। लेकिन तय समय में योजना पूरी नहीं हो पाई। संबंधित ठेकेदार ने एक्सटेंशन लेकर कार्य की अवधि को बढ़ा दिया। इसके बाद से वर्ष 2024 तक यह योजना पूरी नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं अनेक शिकायतों के बाद भी संबंधित ठेकेदार के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जांच में सही पाई गई शिकायतें
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष योगराज कारो लिल्हारे और विधायक प्रतिनिधि शफकत खान ने बताया कि बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने जल आवर्धन योजना का मामला विधानसभा में उठाया था। जिसकी जांच करने के लिए भोपाल व जबलपुर से जांच अधिकारी पहुंचे थे। विधायक ने जो शिकायतें की थी, वो सभी शिकायतें सही पाई गई है। वर्ष 2024 में भी यह योजना अधूरी है। शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिसके कारण नगरवासी काफी परेशान है।

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