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सुसाइड नोट लिखकर पत्नी को भेजा, कार्यालय में ही लगाई फांसी
सेवा सहकारी समिति चरेगांव का मामला
बालाघाट । सुसाइड नोट लिखकर पहले पत्नी को भेजा। इसके बाद कार्यालय में ही फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना मंगलवार के सुबह की है। मामला सेवा सहकारी समिति चरेगांव का है। सोसायटी के खरीदी केंद्र प्रभारी जितेंद्र बिसेन 35 वर्ष निवासी चरेगांव ने मंगलवार को मानसिक तनाव के चलते कार्यालय में ही आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही परसवाड़ा विधायक मधु भगत, बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी, चरेगांव चौकी और लामता थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की। शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
जानकारी अनुसार सेवा सहकारी समिति चरेगांव में कर्मचारी जितेन्द्र बिसेन कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ था। जिसे इस सत्र में समर्थन मूूल्य पर धान खरीदी के लिए केंद्र प्रभारी बनाया गया था। इस वर्ष धान खरीदी का कार्य 23 जनवरी को ही समाप्त हो गया। धान खरीदी का कार्य समाप्त होने के बाद केंद्र प्रभारी कागजी कार्यवाही में व्यस्त रहता था। सोमवार को भी जितेंद्र कार्य समाप्त करने के बाद कार्यालय से अपने घर चले गया था। मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे जितेंद्र ने अपनी पत्नी को कार्यालय जाने की बात कहकर घर से निकला था। जिसने कार्यालय पहुंचकर सुबह 7 से 8 बजे के बीच फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, आत्महत्या करने के पूर्व जितेंद्र ने सुसाइड नोट लिखकर अपने पत्नी के मोबाइल पर भेज दिया था।
पत्नी ने करीब 1 घंटे बाद देखा मेसेज
मृतक की पत्नी ने बताया कि जितेंद्र बिसेन सुबह 7 बजे घर से कार्यालय जाने की बात कहकर निकल गए थे। जहां से उन्होंने सुसाइड नोट वाट्सअप पर भेजा था। जिसे उन्होंने करीब 8.30 बजे देखा। इसके बाद ही घटना की जानकारी मिली। मृतक की पत्नी का कहना है कि जितेंद्र बिसेन ने मानसिक प्रताडऩा के चलते आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में मानसिक प्रताडि़त किए जाने वालों के नाम भी लिख है।

सुसाइड नोट में 7 लोगों का नाम
खरीदी केंद्र प्रभारी जितेंद्र बिसेन ने आत्महत्या करने के पूर्व सुसाइड नोट लिखा था। इस सुसाइड नोट में 7 लोगों का नाम शामिल है। इन 7 लोगों द्वारा उसे मानसिक रुप से प्रताडि़त करने के चलते उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाने का उल्लेख किया है। हालांकि, आत्महत्या करने के पूर्व ही जितेंद्र बिसेन ने सुसाइड नोट को अपनी पत्नी के वाट्स नंबर पर भेज दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है। पूरे प्रकरण को फिलहाल जांच में लिया है।
2047.14 क्विंटल धान का घोटाला आया सामने
सेवा सहकारी समिति चरेगांव में धान उपार्जन कार्य में 2047.14 क्विंटल धान का घोटाला उजागर हुआ है। दरअसल, एसडीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच लामता के प्रभारी तहसीलदार दसवंता मेरावी ने 27 जनवरी को की थी। जिसमें यह घोटाला सामने आया है। प्रभारी तहसीलदार मेरावी के अनुसार खरीदी प्रभारी से प्राप्त ऑनलाइन दस्तावेजों के आधार पर सोसायटी में 2047.14 क्विंटल धान का अंतर रहा है। उन्होंने बताया कि इस उपार्जन केंद्र पर 750 किसानों ने स्लॉट बुक कराया था। जिसमें से 719 किसानों ने ही अपनी उपज बेची थी। इन किसानों से कुल 33656.4 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। जिसमें से कुल 31609.26 क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है। केंद्र में अब परिवहन के लिए धान शेष नहीं है। इस तरह से खरीदी और परिवहन के बाद 2047.14 क्विंटल धान का अंतर आया है। इस मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी जितेंद्र बिसेन को जांच के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर 28 जनवरी को तहसील कार्यालय लामता बुलवाया गया था।

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