
थाना प्रभारी को उपस्थिति सुनिश्चित कराने सौंपी जिम्मेदारी
जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने जर्जर इमारत मामले में पूर्व में जारी नोटिस का जवाब पेश न किए जाने के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी, गाडरवारा को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दे दिए। थाना प्रभारी गाडरवारा को अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को नियत की गई है।
जनहित याचिकाकर्ता गाडरवारा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता शुभम कौरव की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा नगर पालिका क्षेत्रांतर्गत जर्जर व घातक इमारतों के संबंध में अनेक शिकायतों के बावजूद कार्यवाही नदारद है। इसीलिए हाई कोर्ट की शरण ली गई। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास, कलेक्टर नरसिंहपुर, अनुविभागीय दण्डाधिकारी गाडरवारा, तहसीलदार गाडरवारा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी गाडरवारा को नोटिस जारी कर शपथपत्र पर जबाब तलब किया गया था। इसके बावजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा नाफरमानी करते हुए जबाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
