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एम्फीथिएटर में दिखेगा होलोग्राम स्टैच्यू
राजनांदगांव। डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी पर्वत पर दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागर महाराज के समाधि स्थल को भव्य स्मारक के रूप में विकसित किया जाएगा। यह स्मारक राजकट्टा क्षेत्र में 4.5 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा, जहां पर आचार्यश्री को समाधि दी गई थी। इस स्मारक का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 6 फरवरी को भूमिपूजन करेंगे।
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी पर्वत पर दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल को 54 फीट ऊंचा भव्य स्मारक और आधुनिक एम्फीथिएटर बनाया जाएगा। स्मारक के केंद्र में आचार्यश्री का होलोग्राम स्टैच्यू स्थापित किया जाएगा। यहां एक विशेष एम्फीथिएटर भी होगा, जहां श्रद्धालु होलोग्राम प्रतिमा को निहार सकेंगे और आचार्यश्री के उपदेशों का अनुभव कर सकेंगे। स्मारक के साथ ही एक म्यूजियम भी यहां बनेगा, जिसमें उनकी जीवन यात्रा, दीक्षा, आचार्य पदारोहण और समाधि से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं का चित्रण किया जाएगा।
अष्टधातु से बनी चरण पादुकाएं देशभर के मंदिरों में स्थापित होंगी
जानकारी अनुसार आचार्य विद्यासागर जी महाराज की 108 चरण पादुकाएं अष्टधातु से बनाई गई हैं। प्रत्येक चरण चिह्न का वजन 100 किलो है। इन्हें 18 फरवरी तक देशभर के दिगंबर जैन मंदिरों में भेजा जाएगा।
100 रुपए का विशेष सिक्का और डाक कवर होगा जारी
जैनाचार्य विद्यासागर महाराज के सम्मान में 100 रुपए का विशेष सिक्का जारी किया जाएगा, जिसका वजन 35 ग्राम होगा।
सिक्के के एक ओर ध्यानस्थ आचार्यश्री की छवि होगी और दूसरी ओर अशोक स्तंभ एवं सत्यमेव जयते लिखा होगा।
डाक विभाग भी आचार्यश्री के सम्मान में एक विशेष डाक कवर जारी करेगा।
समाधिस्थल बनेगा भव्य मंदिरनुमा संरचना
समाधिस्थल को विशेष मंदिर स्वरूप दिया जाएगा, जो जैन संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र होगा। श्रद्धालु यहां आकर आचार्यश्री की शिक्षाओं और विचारधारा से जुड़ सकेंगे। आचार्य विद्यासागर जी महाराज के स्मारक का यह भव्य निर्माण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।

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