22 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पर लगाई रो………. 14 फरवरी को अगली सुनवाई

जबलपुर। मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण पर अब सुप्रीम कोर्ट ही फैसला करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण से जुड़ी 22 याचिकाओं पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से दायर ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 14 फरवरी की तारीख तय की है।सीनियर वकील रामेश्वर सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की सक्रियता को देखते हुए 75 ट्रांसफर याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। इनमें से 13 याचिकाओं में 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे आदेश जारी किया था। यानी कि हाईकोर्ट को उन प्रकरणों में सुनवाई पर रोक लगा दी थी। उन्हीं 75 याचिकाओं में से 9 याचिकाएं आनन-फानन में आज (शुक्रवार) को लिस्ट कराई गई है। वकील रामेश्वर सिंह ने बताया कि इसका कारण यह है कि 28 तारीख को माननीय न्यायालय ने दो याचिकाएं खारिज कर दी थी। जिनके आधार पर 13% आरक्षण होल्ड किया गया था, यूथ फॉर इक्वलिटी वाला, तो सरकार पर लगातार दबाव बन रहा था कि आप 27% आरक्षण लागू करिए, क्योंकि जो माननीय न्यायालय का ऑब्जेक्शन था, वह याचिका निरस्त हो चुकी।
वकील के अनुसार, सरकार की तरफ से उन 9 याचिकाओं में स्पेशल मेंशन करके आज (शुक्रवार) लिस्ट कराई गई। उसमें सुनवाई हुई। माननीय न्यायलय ने जो 20 तारीख को आदेश पारित किया था, उसे इन पर भी अप्लाई करके उन 9 याचिकाओं पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई करने पर रोक लगा दी है। समस्त प्रकरणों को 14 फरवरी को सुनवाई के लिए तय किया है। दरअसल, जबलपुर हाईकोर्ट ने नीट पीजी काउंसलिंग, मेडिकल ऑफिसर भर्ती और हाई स्कूल शिक्षक भर्ती में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। हालांकि, जबलपुर हाईकोर्ट ने अन्य भर्तियों में ओबीसी आरक्षण देने के खिलाफ दायर याचिकाओं को तकनीकी कारणों से खारिज कर दिया था, जिससे अन्य भर्तियों में ओबीसी आरक्षण का रास्ता खुल गया था।
