
नगरपालिका बालाघाट ने किया लोगो का अनावरण
बालाघाट। किसी भी संस्था, उपक्रम या शासन के नीतिगत योजनाओं की पहचान उसके प्रतीक चिन्ह लोगो से प्रदर्शित होती है। इसका कई तरीके से संदर्भ स्थापित होता है। रचनात्मक बदलाव की कड़ी में नगर पालिका बालाघाट ने शहर की पहचान को दर्शाता लोगो लांच किया है। 7 फरवरी को भव्यतम सामूहिक विवाह समारोह के अवसर पर इसका अनावरण किया गया। इस लोगो की विशेषता है कि यह बालाघाट की संभ्यता, संस्कृति, पर्यटन के साथ ही स्वच्छता के महत्व को भी परिभाषित करता है। उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में 7 फरवरी को जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 888 नवयुगल के वैवाहिक समारंभ का ऐतिहासिक आयोजन हुआ वहीं नपा बालाघाट ने इसी मौके पर खुशखबरी देते हुए जन जागरूकता और जनसंवाद की पहल को सुविधाजनक बनाने तथा बालाघाट की पहचान को प्रदर्शित करने के लिये प्रतीक चिन्ह लोगो का अनावरण किया। जहां पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद भारती पारधी, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे, विधायक अनुभा मुंजारे,नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर, कलेक्टर मृणाल मीना, जिपं सीईओ अभिषेक सराफ, रमेश रंगलानी,सत्यनारायण अग्रवाल,अनिल धुवारे,रमाकांत डहाके,नगर पालिका सभापति संगीता खगेश कावरे, योगिता विनय बोपचे, संगीता छोटू थापा, समीर जायसवाल, कमलेश पांचे, वकील वाधवा, उज्जवल आमाडारे, पार्षद गिरीश कावड़े, मनीष नेमा, रैना धीरज सुराना,श्वेता सौरभ जैन,राज हरिनखेरे, योगराज कारो लिल्हारे,प्रवीण मदनकर,रवि बनाफर,आशुतोष डहरवाल सहित अन्य पार्षदण तथा स्वच्छता एम्बेसेडर डाँ. एल.आर.गौतम,अर्चना गुप्ता, समाजसेवी किरणभाई त्रिवेदी, राजलदास कारड़ा,डी.एल.राहंगडाले, व सीएमओ बी डी कतरोलिया के साथ ही अन्य पार्षदगणों एवं नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य शासकीय विभागों के अधिकारियों के अलावा अपार जनसमूह के बीच प्रतीक चिन्ह का अनावरण किया। चिन्नौर, टाईगर आरैर बालाघाट की पहचान हो रही दृश्यमान नगर पालिका परिषद द्वारा बालाघाट की पहचान को दृश्यमान करते हुए लोगो में विभिन्न रचनात्मक बदलाव को ध्यान दिलाया है। लोगो में अंतहीन और अनंत संभावनाओं के साथ ही परिवर्तन के प्रति सहज ग्रहणशीलता और समग्र स्वच्छता का संदेश भी दिया गया है। जहां एक ओर टाईगर स्टेट मध्यप्रदेश में बालाघाट के दर्जे को विशिष्ट बनाते हुए जिले की पहचान टाईगर के साथ ही चिनौर चांवल जिसे पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दी है और जीआई टैग कराकर जैविक पद्धति को पुर्नजीवित करने का काम किया है। ऐसे चिन्नौर चावल की झलक के साथ ही बालाघाट में इसके उपार्जन को भी लोगो को में स्थान दिया गया है। शहर की पहचान काली पुतली चौक जिसमें एक बाला (बालिका) जिसकी प्रतिकृति घट पकड़ी हुई है इसके स्थापित होने की प्रेरणा बालाघाट नाम का संकेत है इसी उद्देश्य से इसे लगाया गया है जिसका ध्यान दिलाया गया है। लोगों के माध्यम से विकास का संदेश वैसे ही प्रधानमंत्री मोदी के आव्हान के अनुरूप स्च्छ भारत-स्वस्थ भारत को स्थान देते हुए शहर की स्वच्छता जो सबसे प्रमुख काम होता है इसमें जागरूकता का संचार करते हुए बालाघाट को स्वच्छता में नंबर वन बनाने की प्रेरणा लोगो में झलकती है। वहीं प्रधानमंत्री आवास का प्रतीक चिन्ह में छायांकन गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के सपनों को प्रदर्शित करता है जिसमें बालाघाट नपा द्वारा पीएम आवास योजना के प्रथम चरण में लगभग 3800 परिवारों का पक्का मकान बनाया गया है जबकि एएचपी श्रेणी के 36 आवास सौंपे गये है और कार्य निरंतर जारी है। सारस पक्षी इस लोगो में इसलिए स्थान पाता है क्योंकि बालाघाट जिला सारस पक्षी का बसेरा माना जाता है और वैश्विक स्तर पर यह बालाघाट की पहचान है। विकास परिकल्पना को साकार करने इसे दर्शाया गया है। प्रतीक चिन्ह में प्रदर्शित हो रही सभ्यता और संस्कृति आदिवासी बाहुल्य जिला बालाघाट एवं बैगा सभ्यता और संस्कृति को भी प्रतीक चिन्ह में उचित स्थान दिया गया है जो जिले की अमिट पहचान है। इसके अलावा जल संरक्षण का संदेश जलधारा के रूप में मां वैनगंगा के आशीर्वाद से निरंतर जल प्राप्त होने तथा जल संरक्षण करते हुए इसे सहेजने का संदेश भी इस लोगो में समाहित है। वहीं हरियाली युक्त बालाघाट के लिये प्रकृति संरक्षण, पौधारोपण के लिये जनसहयोग और सहभागिता को प्रदर्शित करता है। आकर्षक और सृजनात्मक लोगो को लेकर इसकी खूब प्रशंसा की गई। जिसपर नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने बालाघाट के गौरवशाली इतिहास को प्रतीक चिन्ह में प्रदर्शित करने का सौभाग्य मिलने पर सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
