



दमोह ! शहर के उभरते हुए युवा शायरों की टीम के द्वारा दीवानों की महफ़िल के बैनर तले अजमेरी मैरिज गार्डन, पठानी मोहल्ले से एक शानदार और ख़ूबसूरत महफ़िल-ए-मुशायरे का आयोजन किया गया।जिसमें बड़ी संख्या में सुनने वालों ने देर रात तक एक से एक बढकर गज़लों का लुत्फ़ उठाया !
प्रोग्राम के सरपरस्त मोहतरम अनवार उल हक़ उस्ताद रहे और सदारत वरिष्ठ शायर, और विचारक नियाज़ क़ुरैशी सर हिरदयपुरी ने की । प्रोग्राम का सफल संचालन उस्ताद शायर हाजी ताहिर दमोही ने किया।
मुशायरे में बुरहानपुर से जावेद राना, छतरपुर से शबीह हाशमी, सागर से नईम माहिर, जबलपुर से रिज़वान हकीमी, तेंदुखेडा से तहसीन हैदर और हटा से राजा ख़ान साहिल ने इश्क़ो मुहब्बत, प्यार, देश प्रेम, भाईचारा, एकता, की भावना और अम्नो मुहब्बत के पैगाम से लबरेज़ कलामों को सुनाकर सामईन को तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।
इस मौक़े पर दमोह के स्थानीय युवा शायरों ने भी अपनी एक से लाजवाब ग़ज़लें सुनाकर प्रोग्राम में हलचल मचा दी और ज़बरदस्त पेशकश से महफ़िल-ए-मुशायरे को बहुत ही बुलंदियों पर पहुंचा दिया।
प्रोग्राम का आग़ाज़ युवा शायर अनीस आतिफ़ ने ना’ते पाक पढ़कर किया।
दीवानों की टीम से नये शायरों में सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त शायर शोएब ख़ान ने ग़ज़ल पढ़कर आग़ाज़ किया और बहुत ही शानदार पेशकश से सभी मेहमान शो’रा-ए-किराम और सामईन का दिल जीत लिया।
फिर उसके बाद अयाज़ सुल्तानी, अब्दुल अनआम, मुस्तफ़ा अकमल, अनीस आतिफ़, एडवोकेट इरफ़ान उस्मानी, साहिल दमोही और अदीब दमोही ने एक से बढ़कर एक कलाम पढ़कर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सीनियर शायरों में डॉ. ताबिश अहसन, ताहिर दमोही, शाहिद दमोही, शकील अमजद और डॉ. रफ़ीक़ आलम साहिब ने बेहतरीन कलाम पेश किये l
प्रोग्राम में अन्वार उस्ताद, नियाज़ क़ुरैशी, आज़म ख़ान सहारा, आदिल ठेकेदार साहिब, वहीद क़ुरैशी ठेकेदार, ज़ीशान पठान पार्षद, शैख़ रफ़ीक़ पार्षद, इक़बाल पार्षद, नादिर ख़ान, उवैद अहमद गौरी, शाहिद नूर,, समीर इन्जीनियर, वकील क़ुरैशी, अकरम खान पत्रकार, मुर्तज़ा अली साहिब, मंसूर हुसैन अली जबलपुर और सभी मेहमानों का ‘दीवानों की महफ़िल’ की टीम के द्वारा सम्मानित किया गया।
प्रोग्राम के सबसे आख़िर में नियाज़ क़ुरैशी सर ने युवा शायरों की इस पहल की दिल खोलकर सराहना की और लोगों को बताया कि ऐसे प्रोग्राम हमें आपस में जोड़ने का और एक दूसरे को जानने का अवसर देते हैं l आज़म खान ने उर्दू अदब और गज़ल के क्षेत्र में आने वाले युवा शायरों का भरपूर प्रोत्साहन किया l प्रोग्राम के सरपरस्त वरिष्ठ समाज सेवी उस्ताद अन्वारुलहक़ ने नये रचना कारों को गढ़ने का काम करने वाले उस्ताद शायरों की सराहना की और सभी का शुक्रिया अदा किया l
