
दिल्ली की कोर्ट ने सुनाया फैसला, सात महिलाओं को किया बरी
नई दिल्ली। दिल्ली की कोर्ट ने अश्लील नृत्य करने और लोगों को परेशान करने के आरोप में सात महिलाओं को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि छोटे कपड़े पहनना कोई अपराध नहीं है और गानों पर नाचना दंडनीय नहीं है, भले ही यह सार्वजनिक रूप से हो। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि मामले में कोई अपराध किया गया था।
कोर्ट ने कहा कि अब, न तो छोटे कपड़े पहनना कोई अपराध है और न ही गानों पर नाचना दंडनीय है, भले ही ऐसा नृत्य सार्वजनिक रूप से किया गया हो। मामला दिल्ली पुलिस के एक एसआई की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसने इलाके में गश्त ड्यूटी पर होने का दावा किया था। महिलाओं पर अश्लील कृत्य और गाने को लेकर मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि एसआई ने देखा कि कुछ लड़कियां छोटे कपड़े पहनकर अश्लील गानों पर नाच रही थीं।
कोर्ट ने इस तथ्य पर ध्यान देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी ने कहीं भी यह दावा नहीं किया कि नृत्य किसी अन्य व्यक्ति को परेशान कर रहा था। अभियोजन पक्ष के दो गवाहों ने कहा कि वे आनंद लेने के लिए उस स्थान पर गए थे और उन्हें मामले के बारे में कुछ भी पता नहीं था। कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पुलिस ने एक कहानी गढ़ी लेकिन उसे जनता का समर्थन नहीं मिला। ऐसी परिस्थितियों में भले ही हम एसआई के दावे को स्वीकार कर लें, लेकिन इससे अपराध साबित नहीं होगा।
