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छापे में मिली थी करोड़ो की बेनामी संपत्ति
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने वन विभाग के रेंजर हरिशंकर गुर्जर और उनकी पत्नी के नाम पर मिनाल रेसिडेंसी स्थित दो करोड़ो की कीमत के मकानो की जब्ती की कार्रवाई की है। गुर्जर, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट में कार्रवाई की गई है। मामले में जानकारी के मुताबिक साल 2009 में लोकायुक्त पुलिस ने खंडवा, हरदा और भोपाल में रेंजर हरिशंकर गुर्जर के ठिकानों पर रेड मारी थी। कार्रवाई में गुर्जर के पास लगभग 1.28 करोड़ रुपए की संपत्ति होना पाई गई थी। जिसमें गुर्जर कालोनी हरदा में एक दो मंजिला मकान और प्ला, भोपाल में ओल्ड मीनाल रेसीडेंसी में दो मकान, भोपाल में राजहर्ष कालोनी में प्लाट, लाखो की नगदी सहित, बीमा पॉलिसियों में 13 लाख का इंवेस्ट, करीब 3 लाख के गहने और बैंकों में जका करीब 10 लाख मिले थे। ईडी द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वन विभाग के खंडवा जिले में पदस्थ रेंजर हरिशंकर और उनकी पत्नी सीमा गुर्जर के विरुद्ध लोकायुक्त की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई। मामले में हरिशंकर गुर्जर, सीमा गुर्जर की विभिन्न अचल संपत्तियां जांच के दायरे में ली गई हैं। वहीं उनके बेटे अभिषेक गुर्जर को मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल पाया गया है। इसके चलते पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत दोनों प्रॉपर्टी अंतिम रूप से अटैच किया गया था। इसके बाद विशेष न्यायालय पीएमएलए भोपाल ने 29 अप्रेल 2023 के आदेश के अंतर्गत गुर्जर को दोषी ठहराया। हरिशंकर गुर्जर एवं सीमा गुर्जर को 3 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और कुर्क की गई संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया। इसके बाद उच्च न्यायालय और उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इसे बरकरार रखा गया। इसी के आधार पर यह कार्रवाई 15 जनवरी 2025 को की गई है।

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