
रुपए नही चुकाने पर अवैध संबंध का बनाया था दबाव, गुस्से में कर दी थी हत्या
खरगोन। अपनी उधारी के रुपए चुकाने के एवज में कर्जदार पर अवैध संबंध बनाने का दबाव बनाने से आक्रोषित होकर हत्या करने के आरोपी पति- पत्नि को न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले को पुलिस ने जघन्य सनसनीखेज एवं चिन्हित अपराण की श्रेणी में रखा था।
पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजन अधिकारी मनीष कुमार श्रीवास्तव से मिली जानकारी अनुसार 05 फरवरी 2021 को थाना खरगोन पर रितेश पिता भगवान जाति पाल घर से शाम से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। तलाशी के दौरान बोराड नदी के पास इंदिरा सागर परियोजना की नहर टनल गेट में रितेश पाल की लाश मिली। इस मामले में रितेश की मोटर साईकिल कोंडापुरा के पास नहर के किनारे मिलने एवं खुन से सना पत्थर व जमीन पर खुन के छीटे पडे मिलने से हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई। जांच में पाया गया कि मृतक रितेश से अंतिम बार चिमन पिता गोरखनाथ मिला था। संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर चिमन से पूछताछ कि गई, जिसमें उसने रितेश के उधारी के रुपए चुकाने के एवज में शारीरिक संबंध बनाने के दबाव से नाराज होकर पिता गोरखनाथ व पत्नी रानु के साथ मिलकर रितेश की हत्या की करने का आरोप कबुल किया। मामले में पुलिस ने विवेचना कर अभियोग पत्र न्यायालय पेश किया, जहां विचारण के दौरान तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश खरगोन द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी पति चिमन, पत्नि रानू योगी और चिमन के पिता गोरखनाथ योगी निवासी मेनगॉव को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।
