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झाबुआ। लोकायुक्त पुलिस इंदौर द्वारा सोमवार को भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के थान्दला विकास खंड के खंड स्त्रोत समन्वयक संजय सिकरवार सहित इस कार्यालय के भृत्य श्यामलाल पाल को थांदला स्थित बीआरसी कार्यालय में स्कूल मान्यता संबंध में 11 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा लिया गया। लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपितों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अन्तर्गत कार्यवाही की गई। डीएसपी के अनुसार कार्यवाही जारी है। इंदौर लोकायुक्त इकाई की ट्रेप कार्यवाही के संबंध में जानकारी चाहे जाने पर डीएसपी, लोकायुक्त, इंदौर, दिनेश पटेल ने इस संवाददाता को बताया कि महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश के अनुरूप, खण्ड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) थांदला, संजय सिकरवार एवं इसी कार्यालय में भृत्य के पद पर कार्यरत श्यामलाल पाल के विरुद्ध इंदौर लोकायुक्त पुलिस टीम द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गई है।

डीएसपी लोकायुक्त, दिनेश पटेल के अनुसार आवदेक रूसमल भूरिया पुत्र मांगिया भूरिया, जो कि ज्ञानगंगा एकेडमी ग्राम बेड़ावा स्कूल का संचालक है, उसके द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि बेड़ावा स्थित ज्ञान गंगा एकेडमी स्कूल जोकि वर्ष 2018 से संचालित की जा रही है। उक्त स्कूल की वार्षिक मान्यता मार्च 2024 में समाप्त हो गई थी, जिसके नवीनीकरण करने के एवज में आरोपी संजय सिकरवार, बीआरएसी थांदला एवं दूसरे आरोपी श्यामलाल पाल द्वारा आवेदक से 18,000/- रूपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक, विपुस्था लोकायुक्त इंदौर, राजेश सहाय को की गई थी। लोकायुक्त पुलिस द्वारा सत्यापन में उक्त शिकायत सही पाई जाने पर आज दिनांक 17. 02.2025 को ट्रैपदल (निरीक्षक, राहुल गजभिये, कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक अनिल परमार, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल, आरक्षक मनीष माथुर एवं आरक्षक कृष्णा) का गठन किया गया और आरोपीगण को 11,000/- रूपए रिश्वत लेते हुये रंगे हाथो पकड़ लिया गया। डीएसपी के अनुसार आरोपीगण के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61 (2) बीएनएस 2023 के अन्तर्गत कार्यवाही की गई, जो कि जारी है।
शिकायत कर्ता रुसमल के अनुसार स्कूल की मान्यता नवीनीकरण किए जाने हेतु बीआरसी, थांदला, संजय सिकरवार द्वारा मान्यता में आनाकानी करते हुए 18 हजार रुपए की मांग की जा रही थी, किंतु जैसे तैसे 11 हजार रुपए में बात तय हुई थी, जिसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस को की गई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा केमिकल युक्त रुपए 11000/- उसे दिए गए ओर उधर लोकायुक्त पुलिस टीम द्वारा बीआरसी कार्यालय की घेराबंदी कर ली गई, और जैसे ही उसके द्वारा कार्यालयीन भृत्य श्यामलाल पाल के माध्यम से बीआरसी संजय सिकरवार को रुपए दिए गए वैसे ही वहां मौजूद पुलिस टीम द्वारा दोनों आरोपितों को को रंगे हाथो पकड़ लिया गया।आरोपित है, संजय सिकरवार पुत्र वीरेन्द्रसिंह सिकरवार उम्र 51 वर्ष पद- खण्ड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) कार्यालय थांदला जिला झाबुआ, निवासी 24 लक्ष्मीनगर झाबुआ एवं दूसरा आरोपित श्यामलाल पाल पुत्र प्रताप पाल उम्र-43 वर्ष, भृत्य कार्यालय खण्ड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) थांदला जिला झाबुआ, निवासी ग्राम- मछलाईमाता तहसील थांदला जिला झाबुआ।

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