
भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा,15 मार्च तक प्रदर्शन और आंदोलन
प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता बोले- मंत्री मांगे माफी, हक मांगना भीख कैसे?
अशोकनगर । प्रदेश में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। अशोकनगर सर्किट हाउस में आयोजित कांग्रेस बैठक में स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें प्रदेश प्रवक्ता रवि वर्मा, विधायक हरी बाबू राय सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियों और तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा अब जनता को ही भिखारी कह रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर 5 मार्च से 15 मार्च तक प्रदेशभर में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किए जाएंगे। इस दौरान ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।
महिलाओं का अपमान कर रही सरकार- कांग्रेस:
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि 1.29 करोड़ बहनों को पहले लालच देकर लाड़ली बहना योजना के तहत 1000-1250 रुपये दिए गए और अब धीरे-धीरे योजना से महिलाओं को बाहर किया जा रहा है। जब महिलाओं ने अपने अधिकार मांगे, तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने उन्हें भिखारी कहकर अपमानित किया। कांग्रेस ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री प्रहलाद पटेल से इस्तीफे की मांग की।
शिक्षा-स्वास्थ्य बदहाल, किसान परेशान:
कांग्रेस ने प्रदेश की शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए। नेताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, छात्रवृत्ति के लिए छात्र परेशान हैं, जबकि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। अस्पतालों में न तो डॉक्टर हैं और न ही दवाएं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा और कहा कि खाद-बीज के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं, आत्महत्या करने को मजबूर हैं। सरकार ने 2700 रुपये गेहूं, 3100 रुपये धान और 6000 रुपये सोयाबीन के जो दाम देने का वादा किया था, वह अब तक पूरा नहीं हुआ। क्या किसानों को उनका हक मांगना भीख मांगना कहलाता है?
भाजपा को जनता से मांगनी होगी माफी:
कांग्रेस ने ऐलान किया कि 6 मार्च को ब्लॉक स्तर पर मंत्री प्रहलाद पटेल का पुतला दहन किया जाएगा। 8 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना और ज्ञापन देकर इस्तीफे की मांग की जाएगी। 10 मार्च को भोपाल में प्रदेश स्तरीय किसान प्रदर्शन होगा, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। 11 से 15 मार्च तक कांग्रेस मोर्चा संगठनों द्वारा सरकार के विभागीय मंत्रियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार ने गरीबों, महिलाओं, किसानों, छात्रों और बुजुर्गों को उनका हक नहीं दिया, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री प्रहलाद पटेल को जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी, नहीं तो कांग्रेस उनका विरोध जारी रखेगी।
