
स्मार्ट सिटी ने 116.26 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई है बिल्डिंग
डॉ. मोहन ने कहा कर्मचारियों को जल्द देंगे प्रमोशन
भोपाल। भोपाल में डोर कैमरे वाली पहली सरकारी बिल्डिंग का लोकार्पण मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। उन्होंने बिल्डिंग के स्ट्रक्चर की तारीफ भी की। बिल्डिंग स्मार्ट सिटी ने 116.26 करोड़ रुपए की लागत से बनाई है। जो टीटी नगर में होटल पलाश के ठीक सामने हैं। सीएम ने कैम्पस का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में भर्तियां खोल दी हैं। 5 साल में ढाई लाख पदों पर भर्ती करेंगे। सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों से जुड़ी कई विसंगतियां दूर कर रहे हैं। पिछले साल मार्च और अक्टूबर में महंगाई भत्ता बढ़ाया। सातवें वेतनमान का गृह भाड़ा एव अन्य भत्तें को पुनरिक्षित करते हुए 1 अप्रैल से भुगतान करने का निर्णय लिया है। पदोन्नति के मसले भी अटके पड़े हैं। प्रयास रहेगा कि सबको पदोन्नति मिले, इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। सबको जल्द प्रमोशन देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फरवरी में ही भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कराई है। पहले कई अधिकारी घबरा रहे थे। समिट कैसे होगी? क्योंकि यहां अभी तक हुई नहीं है। व्यवस्था भी नहीं है, लेकिन हमने भी सोच लिया कि जीआईएस होगी तो भोपाल में ही होगी। भले ही रुकने के लिए टेंट सिटी ही क्यों न बनाना पड़े। अच्छी बात रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भोपाल में रात गुजारी। सीएम ने बजट को लेकर कहा कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा बजट है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 52 हजार 680 रुपए हो गई है। भोपाल को आने वाले समय में मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। अगले 25 साल बाद भोपाल की तस्वीर ही बदल जाएगी। भोपाल देश की सबसे सुंदर और स्वच्छ राजधानी है। उन्होंने, निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण यादव और स्मार्ट सिटी सीईओ अंजू अरुण कुमार को अन्य बिल्डिंग का काम तीन-चार महीने में पूरा करने को कहा। ताकि, वे लोकार्पण कर सकें। विधायक सबनानी ने कहा कि भोपाल में 3300 मकान की आवश्यकता है। स्मार्ट सिटी के चलते 1800 मकान हटाए गए थे। 700 इस बिल्डिंग में आ जाएंगे। बाकी भी जल्द बनाएंगे।
हर बिल्डिंग में डोर कैमरे, लिफ्ट और पार्क
भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड ने 364जी टाइप आवास का निर्माण किया है। इन आवासों का निर्माण 3 टावरों में किया गया है। प्रत्येक टावर 13 मंजिल के हैं। जिन आवासों का लोकार्पण होगा। वे प्रथम चरण में बनाए गए हैं। निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण यादव ने बताया कि यहां 700 आवासों का निर्माण हो रहा है। हर बिल्डिंग में दो लिफ्ट, अग्निशामक यंत्र, डोर कैमरे, पार्क, झूले भी लगाए गए हैं। 221 परिवार ने पजेशन प्राप्त कर लिया है। 28 परिवार ने रहना भी शुरू कर दिया है। कैम्पस में कुल 700 सरकारी फ्लैट्स का निर्माण होगा। भोपाल स्मार्ट सिटी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत संचालित हो रही है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी भी मौजूद रहेंगे।
बिल्डिंग को बनने में 4 साल लगे
साल 2020 में बिल्डिंग का काम शुरू हुआ था। इसे बनने में 4 साल लगे हैं। प्रत्येक फ्लैट्स 800 स्क्वयर फीट के हैं। इनमें कैमरा, मॉड्यूल किचन, लिफ्ट, पार्किंग, बच्चों के खेलने के लिए पार्क, पॉथ-वे, झूले आदि हैं। हर फ्लैट्स में डोर कैमरे लगे हैं। इस तरह की सुविधा वाली यह पहली सरकारी बिल्डिंग हैं।
कारों की पार्किंग के लिए तीन मंजिल
बिल्डिंग में दो ग्राउंड फ्लोर हैं। इसके बाद फस्र्ट फ्लोर। इन तीनों फ्लोर में कारों के लिए पार्किंग बनाई गई है। एक बिल्डिंग में चार से पांच लिफ्ट है। ताकि, आने-जाने में रहवासियों को कोई परेशानी न हो। पहली इतनी ऊंची सरकारी आवास वाली बिल्डिंग के ऊपर से पूरे शहर का नजारा दिखाई देगा। ठीक सामने न्यू मार्केट है। वहीं, पीछे की साइड में स्मार्ट सडक़, रोशनपुरा, पॉलिटेक्निक चौराहा, नेहरू नगर, जवाहर चौक, अटल पथ भी है।
