
प्रदेश स्तरीय, राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया
पत्रकारों के हित के लिए पूरा राय परिवार हमेशा साथ रहेगा-विधायक सुदेश राय
सीहोर । सीहोर के पत्रकारिता के आधार स्तंभ और पितृ पुरुष स्व. अंबादत्त भारतीय की 75वीं जयंती पर स्व. अंबादत्त भारतीय स्मृति पत्रकारिता सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को क्रिसेंट रिसोर्ट में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक सुदेश राय थे। विशेष अतिथि के रूप में सागर और उज्जैन के संभागायुक्त रहे आनंद कुमार शर्मा (सेवा निवृत आईएएस), वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र सिंह चौहान तथा वरिष्ठ पत्रकार योगिराज योगेश थे।
समारोह का शुभारंभ प्रथम पूज्य गणेश जी के चित्र एवं स्व. भारतीय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण के साथ किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक सुदेश राय ने कहा कि बाबा भारतीय के शिष्यों द्वारा हर साल उनकी याद में जो कार्यक्रम किया जाता है यह अनुकरणीय है। हम चाहते हैं सभी पत्रकार एकजुट हों और निष्पक्ष पत्रकारिता करें। उन्होंने कहा कि मैं और हमारा पूरा परिवार आप पत्रकार साथियों के साथ पहले भी था आज भी है आगे भी रहेगा।
अंबादत्त भारतीय स्मृति संग्रहालय एवं शोध संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार रघुवर दयाल गोहिया ने बताया कि सीहोर जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी श्री राकेश राय, अखलेश राय और विधायक सुदेश राय के सहयोग से यह भव्य और दिव्य आयोजन संभव हुआ है।उन्होंने सभी अतिथि, सम्मानित होने वाले राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुधीर सक्सेना, राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले पत्रकार कैलाश गौर और जिला स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाली पत्रकार डॉ. पुष्पा शर्मा सहित समस्त पत्रकार साथियों का स्वागत और आभार माना। उन्होंने बताया कि यह आयोजन जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश राय के सौजन्य से आयोजित किया गया है। आगे भी इसी तरह की गतिविधियां जारी रहेगी।
सभी अतिथियों ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर सुधीर सक्सेना को राष्ट्रीय स्तर के सम्मान, पत्रकार कैलाश गौर को राज्य स्तरीय सम्मान तथा महिला पत्रकार डॉक्टर पुष्पा वर्मा को स्मृति चिन्ह, शॉल, श्रीफल देकर जिला स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया गया ।
अपने संबोधन में सभी अतिथियों ने बाबा भारतीय की पत्रकारिता और उनके जीवन पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। आयोजन में आए वरिष्ठ पत्रकारों ने युवा पत्रकारों को पत्रकारिता के गुर सिखाने के साथ ही बाबा भारतीय के जीवन और उनकी पत्रकारिता से प्रेरणा लेकर काम करने और सीखने की सलाह दी।
आनंद कुमार शर्मा ने नियम, अनुशासन और प्रशानिक अनुभव से जुड़े अनेक रोचक किस्से सुनाए। राघवेंद्र सिंह चौहान ने पत्रकारिता, न्याय व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र आई गिरावट पर अपनी चिंता जताई। योगिराज योगेश ने पत्रकारिता को चुनौती भरा कार्य निरूपित किया।
