
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील बोले- वह जज रहने लायक नहीं; ईडी-सीबीआई जांच करे
प्रयागराज। दिल्ली हाईकोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा के घर 14 मार्च की रात आग लगी। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस के घर से 15 करोड़ कैश मिलने का वीडियो जारी किया है। 65 सेकेंड के वीडियो में नोटों से भरी बोरियां दिखाई दे रही हैं। इस मामले के खुलासे के बाद जस्टिस वर्मा खुद ही छुट्टी पर चले गए हैं। इसके बाद 21 मार्च को जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट होने का प्रस्ताव बनाया गया।
जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर और इतनी रकम मिलने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस बुलाई। इसमें जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की मांग का प्रस्ताव पारित हुआ। कैश मिलने के मामले की जांच ईडी और सीबीआई से कराने की मांग का भी प्रस्ताव पारित हुआ। प्रस्ताव की कॉपी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी जाएगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने कहा- यशवंत वर्मा जज के रूप में बने रहने लायक नहीं हैं। हाईकोर्ट बार जज के कहीं भी ट्रांसफर का विरोध करती है। जस्टिस वर्मा ने जो फैसले इलाहाबाद हाईकोर्ट या दिल्ली हाईकोर्ट में सुनाए हैं, उस पर पुनर्विचार किया जाए।
