
मध्य प्रदेश में चलने वाली 12 साल पुरानी बसों को बैन करने का मामला
नई दिल्ली। इंदौर हाईकोर्ट ने पिछले दिनों मध्य प्रदेश में चलने वाली 12 साल से ज्यादा पुरनी बसों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इंदौर के एक प्रतिष्ठित समाजसेवी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
बता दें कि पिछले दिनों इंदौर हाईकोर्ट द्वारा पहले स्कूल बसों और फिर सभी तरह की बसों को लेकर ये बैन लगाया गया था। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मध्य प्रदेश में जो बसों 12 साल से ज्यादा पुरानी हो गई है उनका संचालन पूरी तरह से रोक दिया जाए। ऐसा फैसला यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिया गया था। इस पूरे मामले को लेकर इंदौर के एक समाजसेवी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई। याचिका में बताया गया कि यूपी, बिहार समेत अन्य राज्यों में बसों को चलाने की लिमिट 15 साल है लेकिन मध्य प्रदेश में 12 साल की ही लिमिट है। इस लिमिट को बढ़ाया जाना चाहिए।
दूसरे राज्यों में 15 साल की लिमिट होने के तर्क सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आर्डर पर स्टे दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले में मध्य प्रदेश सरकार को कई तरह के आदेश जारी किए हैं। वहीं, अगली सुनवाई तक 12 साल वाले बैन पर स्टे लगा दिया है। ऐसे में बस संचालकों को इस फैसले से राहत मिल सकती है और वह अभी अपनी बसों का संचालन कर सकते हैं।
