
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे बोले- बीजेपी का दोहरा रवैया उजागर
मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद पर सौगात-ए-मोदी किट बांटने की योजना पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि इससे बीजेपी का दोहरा रवैया उजागर हो गया है। यह सौगात-ए-मोदी नहीं है बल्कि सौगात-ए-सत्ता है। उन्होंने कहा कि इससे बीजेपी एक्सपोज हो रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में तो इन लोगों ने बंटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया था और अब सौगात-ए-मोदी वाली किट बांट रहे हैं। आखिर यह कैसी किट है। ऐसा लगता है कि राजनीतिक स्वार्थ को साधने वाली यह किट है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह योजना बीजेपी ने बिहार चुनाव में फायदा उठाने के लिए बनाई है। बीजेपी तो मुझ पर आरोप लगाती रही है कि मैंने हिंदुत्व को छोड़ दिया है, अब वही बताएं कि क्या कर रही है। उद्धव ठाकरे ने कुणाल कामरा के मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सरकार कामरा को गद्दारों के अपमान पर समन जारी कर रही है, लेकिन इस सरकार ने अब तक राहुल सोलापुरकर के मसले पर कुछ नहीं कहा, जिसने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया था। बता दें कि बुधवार को ही डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसा था और कहा था कि शिवसेना मालिक और गुलामों की नहीं बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं की पार्टी है।
शिवसेना (यूबीटी) से शिवसेना में शामिल हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि उनके जैसे सैनिक सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए। उन्होंने कहा था कि हमने लोगों के जीवन में सुनहरे दिन लाने के लिए कड़ी मेहनत की है। हम जमीनी कार्यकर्ता हैं और मैं आपका सहयोगी हूं। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है, न कि मालिक और गुलामों की पार्टी।’ शिंदे ने कहा कि उन्होंने हमेशा आलोचना और दुर्व्यवहार का जवाब अपने काम से दिया है।
वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि बटेंगे तो कटेंगे का नारा लगाने वाले अब दौरा करने जा रहे हैं। कह रहे हैं कि वे होली के नाम पर पूरे साल मुसलमानों के नाम पर घृणा फैलाएंगे और फिर चुनाव आने पर उन्हें लुभाएंगे। ठाकरे ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पहले कि आप हम पर हिंदुत्व छोड़ने का आरोप लगाएं, आपको अपने झंडे से हरा रंग हटा देना चाहिए। अब उनका पाखंड उजागर हो गया है। ठाकरे ने कहा कि वे हरा रंग नहीं हटाएंगे। आपने चुनाव से पहले कई वादे किए थे। बिजली बिल माफी, कर्ज माफी, लड़की बहिन योजना का क्या हुआ?
