
पन्ना। पन्ना प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना इंद्रजीत रघुवंशी की अदालत ने हत्या के एक मामले में फैसला सुनाया है। इस फैसले में हत्या के चार आरोपियों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। लोक अभियोजन अधिकारी ऋषिकांत द्विवेदी ने बताया कि, दिनांक 30 मार्च 2022 को फरियादी विजय पटेल की रिपोर्ट लेख की गई कि दिनांक 30 मार्च 2022 को सुबह उसके पापा ददोली पटेल और मां ममता पटेल तलैया वाले खेत के चना काटने गए थे। बड़ा भाई जयकुमार पटेल वहीं पर भैंस चरा रहा था। इसी दौरान आरोपी रामहेत पटेल, रामपाल पटेल, रामस्वरूप पटेल तीनों लोग पिता के हाथ पैर बांधकर लात घूंसों व डंडों से मारपीट शुरू की। जब वह खेत पर पहुंचा तब भी तीनों लोग उसके पिता ददोली पटेल के हाथ पैर बांधकर मारपीट कर रहे थे। वह पिताजी को बचाने लगा। तभी जयपाल पटेल कुल्हाड़ी और बृजपाल पटेल लाठी लेकर आए। उसे जान से मारने की नीयत से जयपाल पटेल ने कुल्हाड़ी मारी जो उसके सिर के पीछे लगी। उसने 100 नंबर पर फोन लगाया था। उसी में बैठकर अस्पताल अमानगंज आए हैं। पिताजी को डॉक्टर ने देखकर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पन्ना में ददोली पटेल की मृत्यु हो जाने से प्रकरण में हत्या के आरोप की धारा में इजाफा किया गया। न्यायालय इंद्रजीत रघुवंशी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना के न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई हुई। शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी संदीप कुमार पाण्डेय द्वारा की गई। अभिलेख पर आई साक्ष्य और अभियोजन के तर्कों और न्यायिक दृष्टांतों से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपीगण जयपाल पटेल, रामहेत पटेल, रामस्वरूप पटेल, बृजपाल पटेल को दस-दस साल के कठोर कारावास और जुर्माना की सजा से दंडित किया गया है।
