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विधायकों का दर्द – अधिकारी-कर्मचारी कर रहे प्रोटोकाल का उल्लंघन, विधायकों ने कलेक्टर से की शिकायत
सामूहिक विवाह में भी कांग्रेसी विधायकों को किया जा रहा है नजर अंदाज
विधायकों ने दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ की कार्यवाही की मांग

बालाघाट। शासकीय कार्यक्रमों में कांग्रेसी विधायकों को अधिकारी-कर्मचारी नजर अंदाज कर रहे हैं। कार्यक्रमों में शासकीय विधायकों की न तो पूछ परख हो रही है और न ही आमंत्रण कार्ड में उनके नाम छापे जा रहे हैं। अधिकारी-कर्मचारी प्रोटोकाल का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे नाराज कांग्रेसी विधायकों ने मंगलवार को कलेक्टर मृणाल मीना से मुलाकात की। अधिकारियों-कर्मचारियों के सत्ता के दबाव में काम करने और प्रोटोकॉल का उल्लंघन किए जाने की शिकायत की।
जानकारी के अनुसार जिले में 6 विधानसभा क्षेत्र हैं। जिसमें बालाघाट, परसवाड़ा, बैहर और वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेसी विधायक हैं। इन चारों ही विधानसभा क्षेत्र में अधिकारी-कर्मचारी कांग्रेसी विधायकों को नजर अंदाज कर रहे हैं। खासतौर पर शासकीय व सामूहिक कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित नहीं किया जा रहा है। जिसकी शिकायत विधायकों ने पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों को भी की है। बावजूद इसके अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। मंगलवार को बालाघाट, वारासिवनी और परसवाड़ा विधायक ने कलेक्टर मृणाल मीना से मुलाकात की। समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही प्रोटोकाल का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही किए जाने की मांग की है। इधर, जिन दो विधानसभा क्षेत्रों में भाजपाई विधायक हैं, वहां पर अधिकारी-कर्मचारी न केवल प्रोटोकाल का पालन कर रहे हैं। बल्कि भाजपाई विधायकों को सम्मान कार्यक्रमों में आमंत्रित भी किया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि अधिकारी-कर्मचारी सत्ता के दबाव में कार्य कर रहे हैं।
सत्ता के दबाव में कार्य कर रहे कर्मचारी-भगत
परसवाड़ा विधायक मधु भगत ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में होने वाले शासकीय कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाता है। हाल ही में संपन्न हुए सामूहिक विवाह में न तो उन्हें आमंत्रित किया गया और न ही कार्ड में उनका नाम छापा गया। इस तरह से अधिकारी-कर्मचारी सत्ता के दबाव में कार्य कर प्रोटोकाल का उल्लंघन कर रहे हैं। जबकि एक विधायक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होता है। प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें पहले प्राथमिकता देना चाहिए।
निर्वाचित जनप्रतिनियों का अधिकारी-कर्मचारी कर रहे अपमान-पटेल
वारासिवनी विधायक विवेक पटेल ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी है, तब से अधिकारी-कर्मचारी सत्ता के दबाव में कार्य कर रहे हैं। कांग्रेसी विधायकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अधिकारी-कर्मचारी अपमान कर रहे हैं। यह समस्या वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि जहां कांग्रेसी विधायक हैं, वहां बनी हुई। इस मामले में दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्यवाही होना चाहिए।
सभी विधायक हैं सरकार का एक अंग-मुंजारे
बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि एक विधायक जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि होता है। वह अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करता है। वह सरकार का एक अंग है। बावजूद इसके अधिकारी-कर्मचारी निरंकुश होकर सत्ता के दबाव में कार्य कर रहे हैं। बल्कि प्रोटोकाल का भी उल्लंघन किया जा रहा है। इस मामले में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सत्ता के नशे में चुर होकर मनमानी कर रहे हैं। लालबर्रा में आयोजित होने वाला सामूहिक विवाह नेताओं और अधिकारियों की लापरवाही के चलते निरस्त हो गया, जो इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।

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