
लामटा के खैरा-मैरा बीट अंतर्गत क्रमांक1186 से बरामद किया गया था शव
बालाघाट। लामता परियोजना मंडल परिक्षेत्र लामता के खैरा-मैरा बीट में अज्ञात वाहन की ठोकर से एक मादा तेंदुए की मौत हो गई थी। यह घटना 29 मार्च की रात्रि की है। वन विभाग ने कक्ष क्रमांक 1186 से मृत तेंदुए का शव बरामद किया था। आवश्यक कार्यवाही कर शव का पीएम कराकर उसका दाह संस्कार कर दिया गया। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया गया है।
संभागीय प्रबंधक डेविड चनाप के अनुसार परिक्षेत्र लामता के खैरा-मैरा बीट के कक्ष क्रमांक 1186 में बीते दिनों एक मादा तेंदुआ की मौत हो गई थी। हुई। मृत तेंदुए का शव नैनपुर-बालाघाट राजमार्ग क्रमांक 543 मुख्य मार्ग से लगभग 15 मीटर दूर वनक्षेत्र में मिला। एनटीसीए नई दिल्ली एवं कार्यालय मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश, भोपाल से जारी दिशा-निर्देश अनुसार घटना स्थल की घेराबंदी कर घटना स्थल को सुरक्षित किया गया। इसके अलावा, घटना स्थल के आसपास के क्षेत्र में डॉग स्कावयड द्वारा निरीक्षण/परीक्षण कराया गया और उसके आस-पास छानबीन की गई। पोस्टमार्टम विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों द्वारा वन्यप्राणी तेंदुए का शव परीक्षण किया गया और सेम्पल के रूप में मृत तेंदुए की लिवर, किडनी एवं अन्य अवयवों को फॉरेंसिक जांच हेतु सीलबंद किया गया। शव परीक्षण के दौरान वन्यप्राणी तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। प्रकरण में वन अपराध दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही जारी है।
वारासिवनी, लालबर्रा, लामता के संवेदनशील क्षेत्रों में लगे हैं कैमरे
वन विकास निगम संभागीय प्रबंधक डेविड चनाप ने बताया गया कि वन विकास निगम द्वारा वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए लालबर्रा, लामता, वारासिवनी में संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ताकि वन्य प्राणियों पर निगरानी बनी रहे। सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही ना हो। उन्होंने बताया कि वन विकास निगम अपने समस्त बीटों पर समय-समय पर गश्ती दल के साथ गस्ती कर रहा है। वन्य प्राणियों की सुरक्षा को देखते हुए गश्ती को बढ़ा दिया गया है। बताया गया कि बालाघाट, मंडला बॉर्डर से लगे क्षेत्र में भी सामूहिक पेट्रोलिंग समय-समय पर किया जा रहा है अत्यधिक संवेदनशील इलाका जैसे तालाब के नजदीक तथा जिस इलाके में बाघ, तेंदुआ द्वारा पशु का शिकार किया जाता है उन इलाकों में अधिकतर वन विभाग सजगता दिखाते हुए गश्ती की जा रही है। हालांकि, वन्य प्राणियों का विचरण करना भीषण गर्मी के चलते पेयजल की तलाश में सडक़ पार करना बताया गया। इसी कारण अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मादा तेंदुआ की मौत होने की संभावना जताई जा रही है।
