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फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर छबि धूमिल करने का आरोप
छिंदवाड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष और परासिया विधानसभा प्रभारी ज्योति डेहरिया को मानहानि का नोटिस भेजा है। जिसमें उन्होंने बिना किसी तथ्य और प्रमाण के ज्ञापन सौंपकर उनकी छबि धूमिल करने पर सशर्त माफी मांगने कहा है। यदि ज्योति डेहरिया द्वारा इस संबंध में कोई तथ्य और प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो उन पर कानूनी कार्रवाई बात कही गई है। सिर्फ परासिया विधानसभा प्रभारी ज्योति डेहरिया ही नहीं उनके साथ अन्य चार गोरखपुर के शिकायतकर्ताओं को भी जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार ने मानहानि का नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर भाजपा परासिया विधानसभा प्रभारी ज्योति डेहरिया द्वारा जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार के जाति प्रमाण पत्र की जांच करने की मांग की गई थी उनका आरोप था कि संजय पुन्हार गोरखपुर उत्तरप्रदेश के निवासी है जिनके पिता डब्ल्युसीएल में कर्मचारी थे उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने संबंधी जांच की मांग की थी।
इधर लाइन में खड़े होकर कलेक्टर से न्याय मांगने पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष
मंगलवार को जनसुनवाई में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार आवेदकों की लाइन में खड़े होकर कलेक्टर के समक्ष आवेदन लेकर पहुंचे जिसमें उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ तथाकथित लोगों द्वारा उनके जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने का दावा किया जा रहा है इसमें उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के जो आवेदक है उनका पता अपूर्ण हैं उन्होंने इस मामले में शिकायतकर्ता त्रिलोकीपादक, पुनालाल कुशवाह, शिवशंकर, रामगोपाल कोरी निवासी ग्राम निवार उत्तरप्रदेश को कलेक्ट्रेट में प्रस्तुत होकर फर्जी प्रमाण पत्र संबंधी तथ्य प्रस्तुत करने आवेदन किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार का कहना है कि फर्जी शिकायत करने वाले इन आवेदकों के खिलाफ जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए अन्यथा वे न्यायालय की शरण में जाएंगे।
राजनैतिक दबाव के चलते जांच प्रभावित होने का आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार ने आरोप लगाए हैं कि राजनैतिक षडयंत्र के चलते उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताया जा रहा है राजनैतिक दबाव के चलते प्रशासन द्वारा भी इस मामले में एक पक्षीय कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुझे संदेह है कि जिस राजनैतिक दबाव से मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है उससे जांच प्रभावित हो सकती है। मेरी जाति से जुड़े दस्तावेज मेरे पास पूर्णत: सुरक्षित है उन्होंने आरोप लगाए हैं कि उनकी जाति प्रमाण पत्र के सरकारी दस्तावेजों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें जाति प्रमाण पत्र को दायरापंजी से हटाने, शाला दाखिल खारिज रजिस्टर से रिकार्ड गायब करने सहित अन्य कार्य भी हो सकते हैं ताकि आने वाले दो वर्षों तक जिला पंचायत की राजनीति प्रभावित हो सके।

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