
प्रारंभिक परीक्षा के वर्गवार कट-आफ मार्क्स जारी करने के निर्देश
जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा के आयोजन पर अंतरिम रोक लगाई जाती है। अब कोर्ट की अनुमति के बिना मुख्य परीक्षा का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। मप्र लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया जाता है कि वह राज्य सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा के वर्गवार कट-आफ मार्क्स जारी करे।
आरक्षित वर्ग के कितने प्रतिभावान अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयनित किया :
हाई कोर्ट ने मप्र लोक सेवा आयोग को यह स्पष्ट करने कहा है कि आरक्षित वर्ग के कितने प्रतिभावान अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में चयनित किया गया है। इसके लिए दो सप्ताह की मोहलत दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को नियत की गई है।
क्या है मामला …
याचिकाकर्ता राजधानी भोपाल निवासी सुनीत यादव सहित अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मप्र लोक सेवा आयोग ने कुल 158 पदों की भर्ती के लिए पांच मार्च, 2025 को प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित किया था। इसमें वर्गवार कट-आफ अंक जारी नहीं किए गए हैं। जबकि पूर्व की सभी परीक्षाओं में वर्गवार कट-आफ अंक जारी किया जाता रहा है। सुप्रीम कोर्ट एवं हाइ कोर्ट के विभिन्न फैसलों को बायपास करते हुए आयोग अनारक्षित पदों के विरुद्ध आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित नहीं कर रहा है। सभी अनारक्षित पद सामान्य वर्ग के लिए अारक्षित करके प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित किया गया है। मप्र लोक सेवा आयोग ने इस त्रुटि को छिपाने के लिए 2025 के प्रारंभिक परीक्षा में कट-आफ मार्क्स भी जारी नहीं किए हैं।
