
वैशाख पूर्णिमा पर नर्मदा में लगाई डुबकी
जबलपुर। स्नानदान बुद्ध पूर्णिमा पर नर्मदा तटों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा, इसके साथ ही पवित्र वैशाख मास की विदाई हो गई और आज मंगलवार 13 मई से ज्येष्ठ मास प्रारंभ हो जायेगा। वैशाख महीने को धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिये सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। पूरे वैशाख माह धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला अनवरत जारी रहा। इन अनुष्ठानों का भी पूर्णिमा के दिन विधि विधान के साथ समापन किया गया। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के पावन तट गौरीघाट, तिलवारा घाट, लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट में वैशाख पूर्णिमा का मेला लगा रहा। तड़के 4 बजे से ही स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का पहुंचना प्रारंभ हो गया था। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नर्मदा में डुबकी लगाकर वैशाख पूर्णिमा स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया। नर्मदा में भगवान सत्यनारायण की कथा, महाआरती, माँ नर्मदा का अभिषेक किया गया और दिन भर हवन पूजन भंडारे के आयोजन चलते रहे। भीषण गर्मी में नर्मदा किनारे ठंडक की राहत के बीच लोग धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। भंडारों के लिये पंडाल लगाकर छाया के लिये प्रबंध किया गया था। बहुत सारे लोग पूर्णिमा की पूर्व रात्रि में ही नर्मदा किनारे पहुंच गये थे और रात्रि विश्राम नर्मदा तट पर करने के बाद सुबह से कार्यक्रमों में व्यस्त हो गये। नर्मदा तटों में बड़ी भीड़ के कारण पुलिस का सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े वहीं वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी करनी पड़ी। सुबह से देर रात तक नर्मदा के पावन तटों खासकर गौरीघाट, जिलहरी घाट, सिद्धघाट और दरोगा घाट में स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही।
