
कोयंबटूर। तमिलनाडु के पोल्लाची यौन उत्पीड़न मामले में कोयंबटूर महिला अदालत ने 9 लोगों को मौत तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने मंगलवार सुबह ही सभी को दोषी ठहराया था। जज आर नंदिनी देवी ने इन्हें गैंगरेप और बार-बार रेप का दोषी पाया।
इतना ही नहीं कोर्ट ने पीड़ित महिलाओं को कुल 85 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। 9 दोषियों ने 2016 से 2018 के दौरान कई महिलाओं का यौन शोषण किया था। पीड़ितों में कॉलेज की छात्राएं और शादीशुदा महिलाएं थीं। दोषियों ने यौन शोषण के वीडियो बनाए थे। इसके द्वारा ब्लैकमेल करके महिलाओं के साथ कई बार रेप किया और पैसे भी मांगे। आरोपियों पर 50 से ज्यादा महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने का शक था, लेकिन उनमें से केवल 8 ने ही उनके खिलाफ गवाही दी थी। दोषियों में सबरीराजन उर्फ रिशवंत (32 साल), थिरुनावुकारसु (34 साल), टी वसंत कुमार (30 साल), एम सतीश (33 साल, आर मणि उर्फ मणिवन्नन, पी बाबू (33 साल), हारोन पॉल (32 साल), अरुलानंथम (39 साल) और अरुण कुमार (33 साल) हैं।
मामला 24 फरवरी, 2019 को पहली बार तब सामने आया जब 19 साल की छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। छात्रा ने आरोप लगाया कि 12 फरवरी को पोल्लाची के पास चलती कार में चार लोगों ने उसका रेप किया। उन्होंने इसका वीडियो बनाया, उसकी सोने की चेन लूट ली और सुनसान जगह पर छोड़ दिया। लड़की ने अपने परिवार को तब बताया जब आरोपियों ने वीडियो लीक करने की धमकी देकर उससे यौन संबंध बनाने की मांग की। छात्रा दोषियों के खिलाफ बोलने वाली पहली पीड़ित थी। छात्रा की शिकायत के बाद 2019 में सभी युवकों को गिरफ्तार किया गया था। तब से सभी सलेम सेंट्रल जेल में बंद है।
युवकों के फोन-लैपटॉप से कई महिलाओं के वीडियो मिले पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच की थी। इसमें पीड़ितों के कई वीडियो क्लिप मिले थे, जिनका युवकों ने अलग-अलग जगहों पर यौन उत्पीड़न किया था। इनमें से ज्यादातर घटनाएं पोल्लाची के पास चिन्नाप्पलायम में एक दोषी थिरुनावुक्कारारू के फार्महाउस पर हुए थे। शुरू में स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की थी। बाद में क्राइम ब्रांच-सीआईडी को सौंप दिया गया।
