
जबलपुर। बुरहानपुर जिले में एनएसए के तहत दर्ज एक मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब पर नाराजगी जताई। सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद आपातकालीन व्यस्तता का हवाला देकर रजिस्टर समय पर पेश न करने का कारण बताया। कोर्ट ने इसे न्याय प्रक्रिया का मजाक मानते हुए 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई। मामला शेख अफजल के खिलाफ दर्ज केस से जुड़ा है। कोर्ट ने राज्य शासन को केंद्र को भेजी गई जानकारी का रजिस्टर पेश करने का निर्देश दिया था, जो भोपाल से जबलपुर लाया जाना था, लेकिन कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच सका।
सुनवाई में सरकारी वकील ने बताया कि पहलगाम की घटना के बाद देश में आपातकालीन स्थिति के कारण सिविल डिफेंस की व्यस्तता से रजिस्टर समय पर कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। कर्मचारी गोरेलाल ने बताया कि यह रजिस्टर मुख्य सचिव के आदेश के बाद ही लाया जा सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री की मीटिंग का हवाला दिया गया। जब कोर्ट ने मीटिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो पेश की गई नोटशीट में इसका कोई उल्लेख नहीं था।
